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व्यय लेखा संधारण के संबंध नगरीय निकायों के अभ्यर्थियों के साथ हुई बैठक

व्यय लेखा संधारण के संबंध नगरीय निकायों के अभ्यर्थियों के साथ हुई बैठक

दंतेवाड़ा। 

छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में नगरीय निकाय आम निर्वाचन 2025 के तहत आज जिला कार्यालय के भू-तल स्थित सभाकक्ष में व्यय लेखा संधारण के संबंध में नगरीय निकायों के अभ्यर्थियों की बैठक कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में ली गयी। 

बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग के तहत जारी निर्देश अनुसार बताया गया कि इस आदेश के प्रावधानों के अनुसार नगर निगमों के महापौर, तथा नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के अभ्यर्थियों पर यह आदेश लागू होगा। ज्ञात हो कि नगरीय निकायों के अध्यक्ष पदों के लिए इस बार प्रत्यक्ष मतदान होगा। इन पदों के लिए व्यय की सीमा तय की गयी है, और इसलिए समस्त व्ययों का लेखा रखा जाना है। नियमानुसार निर्वाचन पूर्ण होने के तीस दिन के भीतर सुम्पूर्ण व्यय लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। व्यय गणना की अवधि नामांकन भरने की तिथि से परिणाम घोषित होने की तिथि तक (दोनों तिथियों सहित) होगी। व्यय लेखा के संधारण के लिए नामांकन दाखिल करते समय ही आवेदक अभ्यर्थी (या उसके प्रस्तावक, जैसी भी स्थिति हो) को प्रारूप क, ख और ग उपलब्ध कराये जायेंगे। प्रत्येक आवेदन अभ्यर्थी अपना नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने से एक दिन पूर्व एक अलग बैंक खाता खोलेगा। निर्वाचन से सम्बन्धित उस अभ्यर्थी के सारे व्यय इसी खाते से किए जायेंगे। व्ययों के लिए अभ्यर्थी को प्राप्त कोई राशि, चाहे किसी स्रोत से हो, इसी खाते में जमा की जायेगी। प्रारूप क में दैनिक आय और व्यय का लेखा रखा जायेगा। इसमें प्रमुखतः तिथि वार प्राप्तियों और व्ययों का विवरण होगा। प्राप्तियों का स्रोत (स्वयं, दल, संगठन, व्यक्ति आदि), प्रकृति (सहयोग, दान, ऋण आदि, और नगद, चेक ,ड्राफ्ट, बैंक अंतरण आदि) रसीद क्रमांक और राशि एवं  व्ययों की प्रकृति (वाहन, भोजन, रैली, प्रकाशन, मुद्रण आदि), भुगतान अथवा बकाया रकम (पाने वाले का नाम व पता, देयक , रसीद का विवरण) होगा। प्रारूप ख में सभी व्ययों का सार और उन निधियों का सार होगा जिससे व्यय किए गये। निधियों में स्वयं की निधि, राजनीतिक दल से प्राप्त निधि और अन्य स्रोतों (दान ऋण आदि) से प्राप्त निधि का सार होगा। सभी स्रोतों की निधियों का सकल विवरण दिया जाना होगा चाहे वे अलग अलग टुकड़ों में मिले हों। प्रारूप ग में अभ्यर्थी शपथ पत्र पर अपने समस्त लेखा को प्रमाणित करेगा।

इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी अभ्यर्थी अपने व्यय लेखा का संधारण करने वाले नियुक्त कर्मचारियों से जिला स्तरीय व्यय लेखा नोडल अधिकारी को अनिवार्य जानकारी समय-सीमा पर भेजने के लिए पूर्व से अवगत करा देवें ताकि विलंब की स्थिति ना बने। बैठक में इसके साथ ही सभी अभ्यर्थियों को आदर्श आचरण संहिता का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक के दौरान अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, व्यय प्रेक्षक एम.ए. मुस्तफा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी मूलचंद चौपड़ा, सहित निर्वाचन दायित्वों से जुडे़ अधिकारी उपस्थित थे।

Uditbharatnews News

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