छत्तीसगढ़ सरकार ने भू-अर्जन प्रकरणों के अधीन जमीन के बटांकन एवं उनके उपयोग के परिवर्तन पर रोक लगा दी है। राजस्व एवं आपदा प्रबन्धन विभाग के सचिव अभिनाश चम्पावत ने सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश में कहा है कि भू-अर्जन के अधीन भूमि के बटांकन, छोटे टुकड़ों में अंतरण एवं प्रयोजन मे परिवर्तन के कारण एक तरफ जहां भूमि अर्जन की राशि में भारी इजाफ हो रहा है, वहीं पर इसका लाभ वास्तविक लाभ भूस्वामी की बजाय बिचौलियों और भूमाफियों द्वारा उठाया जा रहा है। उन्होंने कलेक्टरों को इसके मद्देनजर भू- अर्जन की प्रक्रिया में जारी किसी अधिसूचना या खनन के लिए जारी आशय पत्र के अधीन भूमि के उपयोग परिवर्तन पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। उन्होने भू-अर्जन हेतु किसी अधिसूचना के जारी होने अथवा खनन का आशय पत्र जारी होने के बाद भूमि का विभाजन और अंतरण कलेक्टर को लिखित अनुमति के बिना नहीं किए जाने का भी निर्देश दिया है। राजस्व सचिव ने किसी भी भूमि के भू-अर्जन हेतु किसी अधिसूचना के जारी होने अथवा खनन का आशय पत्र जारी होने के बाद उपरोक्त भूमि के खसरा कालम-12 में असकी समुचित प्रविष्टि भी किए जाने का निर्देश दिया है। उन्होने निर्देश में यह भी कहा है कि कलेक्टर उपरोक्त प्रकरणों में अनुमति देने हेतु किसी अन्य अधिकारी को अधिकृत नही कर सकेंगे। यह निर्देश मौजूदा प्रकरणों पर भी लागू होंगे।
रायपुर।
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