रायपुर ।
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती किरण कौशल और कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने डॉ भीमराव अंबेडकर अस्पताल में विकास कार्यों के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक ली और संबंधित स्थानों का निरीक्षण किया। बैठक में अस्पताल के विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा की गई। कटारिया ने कहा कि यह प्रदेश का सबसे बडा अस्पताल है यहां पर प्रदेशभर से मरीज आते है, इसलिए यहां बेहतर व्यवस्था की जाए।
बैठक में कहा गया मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए उपयुक्त व्यवस्था की जाए जिसमें सर्वसुविधायुक्त डारमेंट्री, कमरे इत्यादि शामिल हो। इसके अलावा, समाजसेवी संस्थाओं द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के लिए भोजन वितरण की व्यवस्था करने वाले व्यक्तियों के लिए एक मेस हाल बनाने की कार्ययोजना बनाई जाए। साथ ही सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए गए।
अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक ने बैठक में आगामी चार वर्ष की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए स्वास्थ्य सचिव को जानकारी दी कि चिकित्सालय के लिए गार्बेज मैनेजमेंट हेतु कार्डियोलॉजी विभाग के बगल में रास्ता बनाया जाना, एसएनसीयू एवं आईसीयू से फायर एक्जिट का निर्माण करवाया जाना एवं एमआरडी के रिकार्ड के लिए ई-फाइलिंग जैसी भावी योजनाएं प्रस्तावित हैं। डिजिटलाइजेशन की दिशा में नेक्स्ट जेन ई हॉस्पिटल के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में डॉ. ओंकार खण्डवाल ने स्वास्थ्य सचिव को जानकारी दी और टेली रेडियोलॉजी की सुविधा के बारे में अवगत कराया।
इस बैठक में सीजीएमसी डायरेक्टर पदमिनी भोई, चिकित्सा महाविद्यालय के डीन श्री विवेक चौधरी, अधीक्षक संतोष सोनकर सहित अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर चिकित्सा महाविद्यालय के रेडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. एस. बीएस नेताम, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रविकांत दास, कैंसर विभागाध्यक्ष डॉ. मंजुला बेक, फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित त्रिपाठी, डॉ. दिवाकर धुरंधर, शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओंकार खंडवाल, सहायक अधीक्षक डॉ. अनिल बघेल, डॉ. आनंद जायसवाल, नर्सिंग अधीक्षक नंदा रंगारी समेत पीडब्ल्यूडी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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