

गौरतलब है कि नगर के सड़कों पर, चौक चौराहों पर गाय, भैंसों का जमावाड़ा कोई आज की समस्या नहीं बल्कि कई दशकों से यह समस्या विद्यमान है शासन प्रशासन इस समस्या का स्थाई हल आज तक नहीं खोज पाई हैं। तमाम जतन व उपाय के बावजूद इस गंभीर समस्या से आज भी आम इंसान परेशान है। सड़कों पर मवेशियों के बैठने से कई हादसे नगर में पहले भी घटित हो चुके हैं । हादसे में कई पशुओं की मौत हुई है तो कई इंसानों की जान भी चली गई है कई गंभीर रूप से चोटिल भी हुए हैं। नगर के बैंक चौक से लेकर पुलिस लाइन कारली तक सड़कों पर, चौक चौराहों पुलियों के उपर जगह जगह पशुओं का जमावाड़ा सुबह शाम देखा जा सकता है। तेज रफतार वाहनों की चपेट में अक्सर ये पशुएं आ जाते हैं। छोटे बड़े हादसे इनकी वजह से होती ही रहती है। नगर पालिका प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि नगर के सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित करे मगर ऐसा होता नहीं दिख रहा। दो दिनों बाद चैत्र नवरात्र की शुरूआत होने जा रही है। बड़ी संख्या में दूर दराज से श्रद्धालु माता दंतेश्वरी के दर्शन पूजन के लिए दंतेवाड़ा पहुंचेंगे। सप्ताह भर के भीतर एक कद्दावर केंद्रीय मंत्री का आगमन भी नगर में होने वाला है जिसकी भव्य तैयारी भी जोर शोर से चल रही है। ऐसे में नगर के सड़कों पर इस तरह से बेजुबान पशुओं का जमावाड़ा लगना और इस समस्या के प्रति नगर पालिका का आंखें मूंदे रहना कहां तक सही है? अब समस्या है तो सवाल तो उठेंगे ही ना। बेहतर होगा कि कोई बड़ा हादसा हो इससे पहले ही नगर पालिका कुंभर्काी नींद से जागे और समस्या का स्थायी समाधान निकाले।