इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को भोजन कराया, केक काटा और सभी के साथ हर्षोल्लास के साथ जन्मदिन मनाया। आश्रम के बच्चों और बुजुर्गों ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं और उनके इस सराहनीय कार्य की सराहना की।
विनोद लाल राठौर ने कहा, "जीवन का असली आनंद तब है जब हम अपनी खुशियों को दूसरों के साथ बांटें। अनाथ बच्चों और बुजुर्गों के बीच अपना जन्मदिन मनाकर मुझे आत्मिक शांति और अपार खुशी मिली।"
पूरे आयोजन का माहौल सौहार्दपूर्ण और भावनात्मक रहा। सभी ने पार्षद के इस मानवीय कार्य की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।