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डिप्टी सीएम अरुण साव ने सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत और रख-रखाव के लिए जारी किए 57.70 करोड़ रुपए

डिप्टी सीएम अरुण साव ने सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत और रख-रखाव के लिए जारी किए 57.70 करोड़ रुपए

रायपुर।

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव ने प्रदेश के निकायों में स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने एवं नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के लिए विभिन्न मदों से 57.70 करोड़ रुपए जारी की है। उन्होंने विशेषकर शौचालयों की मरम्मत, सफाई एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने को प्राथमिकता दी है।  साव ने कहा कि, सार्वजनिक शौचालय एक सुविधा से कहीं अधिक आम नागरिकों के दैनिक जीवन का हिस्सा है। पूर्व की कांग्रेस सरकार द्वारा सार्वजनिक शौचालयों की उपेक्षा की गई। इसके कारण राज्य के नगरीय निकायों में शौचालयों की स्थिति जर्जर हो गई एवं शौचालय अनुपयोगी हो गए।

मंत्री अरुण साव ने आम नागरिकों की दैनिक समस्याओं को गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्वच्छ एवं सर्वसुविधायुक्त शौचालय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 144 नगरीय निकायों के 1389 शौचालयों की मरम्मत के लिए 42 करोड़ 58 लाख रुपए जारी की है। इसके अतिरिक्त स्वच्छता श्रृंगार योजना के तहत सामुदायिक शौचालयों के रख-रखाव एवं संधारण के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 15 करोड़ 12 लाख रुपए स्वीकृत किया है। राशि स्वीकृति होने के बाद सामुदायिक शौचालयों का उन्नयन कार्य किया जा रहा है।

गौरतलब है कि, नगरीय निकायों के सार्वजनिक स्थलों जैसे बाजार, बस स्टैंड, चौक-चौराहे एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में मिशन मोड पर स्वच्छता लक्षित इकाइयों (सीटीयू) का चिन्हांकन कर स्वच्छता का कार्य किया जा रहा है। अब तक ऐसे 550 से अधिक स्थानों को सीटीयू अथवा जीवीपी के रूप में चिन्हित कर स्वच्छ किया जा चुका है। साथ ही इन स्थलों पर खुले में कचरा फेंकने या दोबारा गंदगी करने वालों के लिए दंड का प्रावधान किया गया है।

उप मुख्यमंत्री साव नगरीय निकायों के शौचालयों की गुणवत्ता में सुधार लाने नियमित रूप से समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही विभागीय सचिव ने नगरीय निकायों के आयुक्त एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को आम नागरिकों को समस्त सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं लोगों में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों को प्रचार-प्रसार (आईईसी) मद से आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नगरीय निकायों में वाल पेंटिंग, वेस्ट टू आर्ट से बनी कलाकृतियों, बैक लेन सौंदर्गीकरण से स्वच्छता संदेश दिया जा रहा है। इस दिशा में शैक्षणिक संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों, स्व सहायता समूहों आदि के सहयोग से विभिन्न कार्यक्रमों जैसे स्वच्छता पखवाड़ा, सफाई चौपाल, नुक्कड़ नाटक, प्लॉग रन, स्वच्छता शपथ जैसे कार्यक्रमों से नागरिकों की सहभागिता पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग एवं राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से शहरी छत्तीसगढ़ के स्वच्छता अभियान को नई दिशा मिली है तथा प्रदेश के सभी नगरीय निकाय स्वच्छता के इस जन आंदोलन से और अधिक प्रतिबद्धता से जुड़ गए हैं।

Uditbharatnews News

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