पटना।
विधान परिषद में मंगलवार को आरक्षण का मुद्दा तो अब्दुल बारी सिद्दीकी ने उठाया, लेकिन उनकी एक-दो पंक्तियों के बाद सबसे आक्रामक आवाज सुनिल कुमार सिंह की हो गई। हरे रंग की टी-शर्ट पहन सदन पहुंचे राजद के सदस्यों की मांग विधान मंडल द्वारा पारित 65 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावी बनाने और उसे संविधान की नौवीं अनुसूची में सम्मिलित करने की थी। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी विपक्ष का नेतृत्व कर रही थीं। हंगामा बढ़ा तो प्रतिक्रिया के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उठ खड़े हुए। राबड़ी से थोड़ी नोक-झोंक हुई और उसके बाद कार्यवाही का बहिष्कार कर राजद के सदस्य सदन से बाहर चले गए।सभापति का कहना था कि विपक्ष नहीं चाहता कि सदन चले, लेकिन उनकी मंशा पूरी नहीं होगी। चूंकि यह मुद्दा नियमत: नहीं उठाया गया, इसलिए कार्यवाही में सम्मिलित नहीं होगा।राजद के सारे सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर आरक्षण के पक्ष और सरकार के विरोध में नारे लगाने लगे। प्रतिक्रिया में सत्ता पक्ष से भी आवाज मुखर हुई। अनिल कुमार, संजय सिंह आदि उठ खड़े हुए।इसी बीच सदन में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मुसलमानों को दिया जा रहा उपहार भी जुमला और हवा-हवाई है। सिद्दीकी ने कहा कि आरक्षण कानून बनाने वाले नेताओं को गाली सुननी पड़ रही है, क्योंकि यह प्रभावी नहीं हुआ।
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