भाजपा नेत्री रत्नावली कौशल ने भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री साय का स्वागत करने के बाद कौशल ने संगठन से जुड़े अहम मसलों पर चर्चा की। उन्होंने बातचीत के दौरान पार्टी संगठन में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी और बढ़ाने का आग्रह सीएम साय से किया। भाजपा नेत्री रत्नावली कौशल ने उन्हें बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ की विष्णु देव सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों और दोनों सरकारों की जन हितैषी योजनाओं के परिणाम स्वरुप भाजपा के प्रति महिलाओं,युवाओं, छात्र छात्राओं, किसानों, आदिवासियों, अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों का भरोसा भाजपा के प्रति बढ़ा है। लोगों को विश्वास है कि एकमात्र भारतीय जनता पार्टी देश और देशवासियों का कल्याण कर सकती है। रत्नावली कौशल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारा भारत वर्ष फिर से विश्व गुरु की गरिमा हासिल कर चुका है। विश्व के जो देश महाशक्ति कहलाते हैं वे भी अब भारत के सामने नत मस्तक होने लगे हैं। हमें अपने प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व पर गर्व है। आप सभी वरिष्ठ जनों के मार्गदर्शन में पार्टी की विचारधारा,नीतियों को अपने क्षेत्र की महिलाओं के बीच पहुंचाने का काम मैं सतत करती आ रही हूं। हमारी माता बहनों का कहना है कि एकमात्र भारतीय जनता पार्टी में ही महिलाओं को भरपूर सम्मान मिलता है। सुश्री कौशल ने महामंत्री पवन साय को मातृशक्ति की मंशा से अवगत कराते हुए कहा कि हमारी माता बहनें सत्ता, संगठन, निगम, मंडलों एवं प्राधिकरर्णों में पर्याप्त भागीदारी चाहती हैं। उनकी मंशा है कि इन सभी इकाईयों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। आगे होने वाले स्थानीय निकायों के चुनाव को लेकर भी महिला वर्ग में भारी उत्साह है। त्रिस्तरीय पंचायती राज के चुनाव में महिलाएं बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना चाहती हैं। सुश्री कौशल ने भाजपा संगठन महामंत्री पवन साय से आग्रह किया कि महिलाओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आप इस दिशा में त्वरित एवं उचित कदम उठाएं। साय ने रत्नावली कौशल से कहा कि आपके सुझाव स्वागत योग्य हैं और इस पर जरूर ध्यान दिया जाएगा।
मुंगेली।
भाजपा नेत्री एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण छत्तीसगढ़ शासन की पूर्व सदस्य रत्नावली कौशल ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय से भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच संगठनात्मक मुद्दों और संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर सार्थक चर्चा हुई।
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