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पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है: वन मंत्री केदार कश्यप

पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है: वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर। 

 

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने आज बेमेतरा जिले के स्वामी विवेकानंद स्टेडियम के पास आयोजित ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। वन मंत्री  केदार कश्यप ने रुद्राक्ष का पौधा लगाया और पीपल पेड़ की पूजा-अर्चना कर इस अभियान की शुरुआत की। खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल ने चंदन का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर विधायक  दीपेश साहू और  ईश्वर साहू, अपर मुख्य सचिव वन  ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक  वी श्रीनिवास राव सहित अन्य अतिथियों ने लगभग 200 पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप और खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल ने ‘जल-वन-जन‘ एक प्राकृतिक बंधन अभियान के अंतर्गत शहर के टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने मां सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बेमेतरा कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंटकर अतिथियों का स्वागत किया और जिले में जल-वन-जन अभियान के तहत संचालित जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। जल, जंगल और जमीन को बचाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। पेड़ लगाना तो पहला कदम है, असल जिम्मेदारी उसकी देखरेख और संरक्षण करना है। हमारी संस्कृति में पेड़ों को पानी देना और उनकी सेवा करना पुरानी परंपरा है। यही परंपरा हमें निभानी होगी, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी भी स्वस्थ वातावरण में सांस ले सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी मन की बात और अलग-अलग मंच से एक पेड़ माँ के नाम लगाने का आह्वान करते हैैं। यह एक जन आंदोलन बनना चाहिए। हम सबको एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संकट की गंभीरता को समझना जरूरी है। हमें जल संरक्षण के लिए हर संभव उपाय करने होंगे। उन्होंने किसानों अपील करते हुए कहा कि धान की जगह कम पानी वाली फसलें अपनाएं, ताकि जल संकट पर काबू पाया जा सके। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सभी लोग स्कूल परिसरों, तालाबों और पंचायत क्षेत्रों, अपने घरों के आसपास में वृक्षारोपण करें और पौधों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को पेड़ लगाने के साथ ही उन्हें बचाने की जिम्मेदारी लेनी होगी और जल संरक्षण में जनभागीदारी सबसे जरूरी है।

खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि जल संकट से निपटने के लिए पेड़ लगाना और उनका संरक्षण करना सबसे बड़ी जरूरत है। इसके साथ ही पानी की बचत और उसका महत्व समझना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जल और वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। इनके महत्व को समझते हुए हम सबको आगे आना होगा और हर स्तर पर इन्हें संरक्षित करने का काम करना होगा। कार्यक्रम को विधायक श्री दीपेश साहू और विधायक श्री ईश्वर साहू ने भी सम्बोधित किया।

कार्यक्रम के अंत में फलदार और छायादार पौधों का वितरण किया गया और उन्हें संरक्षित करने की अपील की गई। इस दौरान सभी अतिथियों ने जल संरक्षण की शपथ दिलाकर पर्यावरण की रक्षा और जल संकट के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू, पूर्व विधायक श्री अवधेश चंदेल, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ रजककार बोर्ड श्री प्रहलाद रजक, नगर पालिका अध्यक्ष श्री विजय सिन्हा, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Uditbharatnews News

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