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व्यय संबंधी मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी एवं अन्य अधिकारी, कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

व्यय संबंधी मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी एवं अन्य अधिकारी, कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

दंतेवाड़ा।

नगर पालिका आम निर्वाचन 2025 हेतु निर्वाचन व्यय के संबंध में संयुक्त जिला कार्यालय के भू-तल सभा कक्ष में व्यय नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी एवं अन्य अधिकारी, कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर्स आलोक सोनवाने एवं माधव राव रेड्डी के द्वारा प्रशिक्षण प्रदाय किया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि सभी राजनैतिक दलों को निर्वाचन व्यय हेतु प्रस्तावित अधिकतम सीमा 50 हजार जनसंख्या से ऊपर वाले नगर पालिका परिषद अध्यक्ष हेतु निर्वाचन व्यय की सीमा 10 लाख रूपये एवं 50 हजार से कम जनसंख्या वाले नगरीय निकाय के अध्यक्ष हेतु 8 लाख रू. तथा नगर पंचायत अध्यक्ष हेतु निर्वाचन व्यय हेतु प्रस्तावित अधिकतम सीमा 6 लाख रू. तय की गई है। जबकि पार्षद पद के लिए व्यय की सीमा निर्धारित नहीं है।

बैठक में यह भी बताया गया कि नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के निर्वाचन में प्रत्येक अभ्यर्थी का यह दायित्व है कि वह राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विहित अनुसार निर्वाचन में हुए समस्त व्यय का पृथक और सही लेखा विशिष्टियों के साथ रखेगा तथा निर्वाचन की तारीख से तीस दिन के अंदर अपने निर्वाचन का व्यय लेखा राज्य निर्वाचन आयोग को अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा। अध्यक्ष पद के प्रत्येक अभ्यर्थी को प्रतिदिन किए जाने वाले व्यय का लेख रजिस्टर प्रोफार्मा-क में रखना होगा, जो अभ्यर्थी को रिटर्निंग ऑफिसर के द्वारा प्रदाय किया जावेगा। अभ्यर्थी द्वारा नाम-निर्देशन प्रस्तुत करने के पूर्व अनिवार्यतः एक बैंक खाता खोला जाएगा। जिससे ही निर्वाचन व्यय संबंधी समस्त प्राप्तियां एवं व्यय भी उसी खाते से किए जावेगा। अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा दिन-प्रतिदिन का व्यय लेखा संबंधित व्हाउचरों एवं देयकों के साथ नाम वापसी हेतु निर्धारित अंतिम तिथि एवं मतदान तिथि के बीच अनिवार्यतः दो बार निर्वाचन व्यय संपरीक्षक द्वारा निर्धारित जांच हेतु प्रस्तुत करने होंगे। निर्वाचन परिणाम घोषणा के पश्चात् तीस दिनों के भीतर निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को निर्वाचन व्ययों का सार- प्रोफार्मा-ख में मय शपथ-पत्र (प्रोफार्मा-ग) जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा सभी निर्वाचन व्यय संपरीक्षक को एक लिपिक डाटा एण्ट्री ऑपरेटर (कंप्यूटर सहित) उपलब्ध कराया जावेगा। निर्वाचन व्यय संपरीक्षक, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं रिटर्निंग ऑफिसर के नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण में कार्य करेगें।

Uditbharatnews News

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