रायपुर।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के मुख्य अभियंता (आईआरएसई: 2000) सहित चार लोगों को 32 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में अधिकारी के एक पारिवारिक सदस्य, एक निजी कंपनी के प्रबंध निदेशक और उक्त कंपनी का एक कर्मचारी शामिल हैं. यह कार्रवाई रेलवे ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच भ्रष्टाचार के नेटवर्क को तोड़ने के बाद की गई. सीबीआई ने मुख्य अभियंता, निजी कंपनी, इसके प्रबंध निदेशक और कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था. आरोप है कि मुख्य अभियंता ने निजी कंपनी के पक्ष में रेलवे के ठेके और कार्य आदेशों में अनुचित लाभ देने के लिए रिश्वत ली. यह राशि उनके निर्देश पर उनके पारिवारिक सदस्य ने रांची में प्राप्त की.
जांच में पता चला कि निजी कंपनी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के लिए विभिन्न निर्माण कार्य कर रही थी, जिसमें छोटे-बड़े पुल, रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी), रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी), और ट्रैक लाइनिंग जैसे कार्य शामिल थे. प्रबंध निदेशक ने अपने बेटे को बताया था कि मुख्य अभियंता के साथ मुलाकात के बाद 32 लाख रुपये की रिश्वत तय की गई थी, ताकि कंपनी के लंबित मामलों को उनके पक्ष में निपटाया जा सके. सीबीआई ने 25 अप्रैल 2025 को जाल बिछाकर मुख्य अभियंता को तब पकड़ा, जब उनके पारिवारिक सदस्य ने निजी कंपनी के प्रतिनिधि से रांची में 32 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार की. रिश्वत की राशि सीबीआई ने पारिवारिक सदस्य के कब्जे से बरामद की. वर्तमान में बिलासपुर और रांची सहित कई स्थानों पर तलाशी अभियान चल रहा है. तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और नकदी बरामद की गई है. जांच अभी जारी है.
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