रायपुर।
विधानसभा बजट सत्र में सदन में महतारी वंदन योजना का मुद्दा गर्माया। विधायक विक्रम मंडावी ने सवाल पूछते हुए जानकारी मांगी वहीं इस दौरान मुद्दे को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच नोक- झोंक देखने को मिली। जिसके बाद जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने नारेबाजी की। साथ ही सदन से विपक्ष के नेताओं ने वॉकआउट किया।
विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि योजना शुरू होने के बाद ऐसे कितने पात्र हितग्राही है, जिन्हें एक भी किश्त नहीं मिली। जिसके जवाब में मंत्री राजवाड़े ने कहा- 3 हजार 971 लोगों को एक भी किश्त नहीं मिली है। बैंक खाते सीडिंग नहीं होने, असक्रिय खातों की वजह से भुगतान नहीं हो पाया है। जिसके बाद विपक्ष के विधायकों ने कहा- तीन हज़ार से अधिक लोगों की राशि कहा जा रही है। वहीं मंत्री राजवाड़े ने कहा- तकनीकी खामियों को दूर कर भुगतान किया जाएगा। उमेश पटेल ने कहा कि एक साल तक एक भी किश्त नहीं दी गई। क्या सभी 3 हजार 971 लोगों को पिछले एक साल की किश्त एक साथ दी जाएगी। जिसके बाद आसंदी से रमन सिंह ने कहा- पुराना पैसा नहीं मिलता है। वहीं जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट किया।
धान पर घमासान कांग्रेस का हंगामा
विपक्ष ने धान खरीदी और केंद्रीय पूल में पूरा चावल नहीं लेने पर स्थगन प्रस्ताव लाया। विपक्ष इसपर चर्चा करना चाहता था। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा प्रस्ताव नामंजूर किए जाने पर कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया और गर्भगृह तक पहुंच गए। तब कांग्रेस के 29 विधायकों को अध्यक्ष ने निलंबित कर दिया और सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। धान का मामला उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने धान 149 लाख मीट्रिक टन खरीदा है। लेकिन 40 लाख मीट्रिक टन धान बाजार में नीलाम करने का निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि, इससे पहले धान को नीलाम करने की जरूरत नहीं पड़ी थी। महंत ने कहा कि, पंजाब में डबल इंजन की सरकार नहीं है बावजूद उनके सारे चावल ले रहे हैं। बाजार में धान नीलाम करने से 8 हजार करोड़ का घाटा हो रहा है, यह उचित नहीं है।