रायपुर।
सेजबहार में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान पं. प्रदीप मिश्रा ने नव वर्ष मंदिरों में मनाने को कहा हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सर्वश्रेष्ठ धर्म है। इसे मजबूत करने का प्रयास हम सभी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर को शराब की बोतल खुलती है और चैत्र नव वर्ष में गंगाजल खुलता है। इसलिए सभी सनातनी नववर्ष को मंदिर और शिवालय जाएं।
पं. मिश्रा ने कहा कि बच्चों को लाल ड्रेस और टोपी पहन कर जोकर की तरह बना उनका मजाक मत बनाइए। अपना धर्म सर्वश्रेष्ठ है इसे छोडक़र अन्य धर्म के पालन करने की आवश्यकता नहीं है। लाल ड्रेस टोपी पहनने की बजाय अपने बच्चों को हमारे धर्म के वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप और झांसी की रानी के कपड़े पहनाइए। उन्होंने कहा कि कैलेंडर बदलने वाला नव वर्ष बीयर बार और शराब की दुकानों की बजाय शिव मंदिरों में जाकर समय व्यतीत करें।

पं. मिश्रा ने कहा कि 31 दिसंबर को लोग बोतल खोलकर नव वर्ष मनाते हैं जबकि चैत्र नव वर्ष में गंगाजल के साथ लोग नव वर्ष मनाते हैं। सनातन धर्म के लोग चैत्र नव वर्ष में मंदिर और शिवालय जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि आप सभी सनातन धर्म से जुड़े लोग 31 दिसंबर को नववर्ष मना रहे हो तो जरूर मनाओ पर शराब की दुकानों की बजाय महाकाल की भूमि और कुबरेश्वर धाम पर जाकर मनाए। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी चंपारण का चम्पेश्वर महादेव, राम मंदिर और के प्राचीन शिव मंदिर है। वहां जाकर सनातनियों को नववर्ष मनाना चाहिए। उन्होंने सनातन धर्म का प्रचार करते हुए कहा कि सनातन धर्म को मजबूत करने का प्रयास सभी सनातनियों को करना चाहिए। किसी भी लोभ, प्रलोभन में आए बिना रूखा-सूखा खाकर अपने धर्म पर अटल रहना चाहिए। दुनिया की चमक-दमक देख और लालच में पड़ सनातन धर्म को छोड़ अन्य धर्म में नहीं जाना चाहिए।