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हत्यारे सुरेश चंद्राकर के ठेके निरस्त, लाइसेंस भी निलंबित

हत्यारे सुरेश चंद्राकर के ठेके निरस्त, लाइसेंस भी निलंबित

रायपुर।

पत्रकार मुकेश चंद्रकार हत्याकांड के मास्टर माइंड सुरेश चंद्रकार पर पीडब्लूडी के अफसरों ने विशेष मेहरबानी दिखाते हुए मार्च 2024 में 195 करोड़ के रोड का काम दे दिया। जबकि, 2015 में मिले काम को सुरेश चंद्रकार ने अभी तक कंप्लीट नहीं किया है। कमाल यह भी है कि एसपीओ की नौकरी छोडऩे के बाद पीडब्लूडी ने पहला काम उसे एकमुश्त 54 करोड़ का दे डाला। नजरें इनायत भी ऐसी कि 52 किलोमीटर की सडक़ को 30 हिस्सों में टेंडर किया और उसमें से 17 काम चंद्रकार को दिया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि छोटे काम आसानी से उसे दिया जा सके। डैमेज कंट्रोल के लिए पीडब्लूडी ने जरूर उसके खिलाफ एक्शन लिया है मगर हकीकत यह है कि उसके प्रति अफसरों की विशेष मेहरबानी रही है।

सुरेश चंद्रकार के खिलाफ पीडब्लूडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसका कंट्रेक्टर लायसेंस निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही 207 करोड़ के ठेका को भी निरस्त कर दिया। पीडब्लूडी ने इसका आदेश भी जारी कर दिया। पीडब्लूडी के आदेश से यह साबित हो गया कि पत्रकार हत्याकांड के अभियुक्त पर पीडब्लूडी के अफसरों की पहले भी मेहरबानी रही और अभी भी बनी हुई थी।  सुरेश चंद्रकार 2010 तक एसपीओ जैसे 10 हजार रुपए की मामूली नौकरी पर था। मगर नौकरी छोडऩे के तुरंत बाद 2015 में उसे पहला काम ही 52 करोड़ का मिल गया। उसे उपकृत करने के लिए पीडब्लूडी के अफसरों ने नेलसनार-कोड़ोपी-मिरतूर-गंगलूर की 52 किलोमीटर की सडक़ को अफसरों ने 30 हिस्सों में बांट कर टेंडर किया। फिर इसमें से 17 हिस्सा चंद्रकार को दे डाला। पीडब्लूडी के आज के ठेका निरस्तीकरण आदेश में लिखा है कि 17 में से उसने 12 काम ही पूरा किया। इसलिए बाकी पांच कामों को निरस्त किया जाता है। 12 काम जो कंप्लीट किया, उसी की रिपोर्टिंग के मामले में पत्रकार की जान चली गई।
नौ साल में काम पूरा नहीं करने के बावजूद पीडब्लूडी के अधिकारियों की उसके प्रति मेहरबानी बनी रही। पिछले साल मार्च में फिर उसे 195 करोड़ के कुटरू-फरसगढ़ रोड बनाने का काम दे दिया गया। इसके लिए नवंबर 2025 तक की मियाद रखी गई थी मगर अभी तक उसने 13 करोड़ के ही काम किए हैं। पीडब्लूडी ने आज बचे 182 करोड़ के ठेका को निरस्त कर दिया। पीडब्लूडी ने सुरेश चंद्रकार को ऐसा तगड़ा झटका दिया है कि वह अगर जमानत पर जेल से छूटकर आ भी गया तो वह फिर अब छत्तीसगढ़ में ठेकेदारी नहीं कर पाएगा। पीडब्लूडी ने सुरेश चंद्रकार का ए केटेगरी का कंट्रेक्टर लायसेंस निलंबित कर दिया है। शायद कानूनी लाभ उसे न मिले, इसलिए अभी लायसेंस निलंबित किया गया है, बाद में उसे निरस्त किया जाएगा। इसके साथ ही पीडब्लूडी ने बस्तर में रोड निर्माण के उसके करोड़ों के सारे टेडर निरस्त कर दिया है।
207 करोड़ के टेंडर निरस्त
पीडब्लूडी ने नेलसनार-कोडोली-मिरतूर-गंगलूर की 52 किलोमीटर के 30 भागों में से 17 हिस्सों का काम सुरेश चंद्रकार को दिया था। इसमें से उसने 12 पूरा कर दिया है। बचे पांच काम 25 करोड़ के हैं। इसे अब निरस्त कर दिया गया है। याने इसका ठेका अब किसी दूसरे ठेकेदार को दिया जाएगा। इसी तरह कुटरु-फरसगढ़ रोड का 182 करोड़ का टेंडर निरस्त किया गया है। याने कुल मिलाकर 207 करोड़ के काम निरस्त हुए हैं। मगर यह भी सही है कि पत्रकार की हत्या के बाद ही जब मीडिया ट्रायल हुआ तो पीडब्लूडी डैमेज कंट्रोल करना शुरू किया है। जाहिर है, हत्याकांड के मास्टर माइंड पर अफसरों की शुरू से विशेष मेहरबानी रही है।

सडक़ अपनी, पत्नी भी अपनी

अपनी ही बहनाई हुई एक सडक़ पर अपनी पत्नी के साथ सुरेश चंद्राकर ने जमकर डांस किया। मुकेश चंद्राकर की हत्या के बाद पुलिस ने सुरेश चंद्राकर के साथ षड्यंत्र में शामिल होने के आरोप में उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया है।

Uditbharatnews News

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