Search

न्यायाधीश के भाई की हत्या, अब न्यायाधीश और परिवार को खतरा हत्यारों को बचाया जा रहा क्या? है साजिश,,

न्यायाधीश के भाई की हत्या, अब न्यायाधीश और परिवार को खतरा हत्यारों को बचाया जा रहा क्या? है साजिश,,

छत्तीसगढ़,रायपुर –11 अगस्त 2023को आरंग में SDM न्यायालय में पेशी में गए आनंद गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में घातक वार से किए गए प्रहार से मौत ,एक साजिश है। यह वैसे ही साफ है जैसे आईने में चेहरा,, पर एक अंडरवर्ड की अपनी कहानी ,और खौफ है, की एक न्यायाधीश पद पर रही और वैमंस्ता का शिकार,"दिव्यांग"न्यायधीश अंजू गुप्ता जो दुनिया में अकेली हो चली हैं,, उनके भाई की हत्या एक सुनियोजित षडयंत्र के तहत कर दिया गया, और उनको यह भी कहा जा रहा है। कि कहीं भी चले जाओ आपको न्याय नहीं मिलेगा। यहां तक जिस घर में रहती हैं उसमे ही समाधी बना दी जायेगी और ऐसा ही शत 100%सत्य भी है।

न्यायालय पूरा संदिग्ध –इस प्रकरण में न्यायपालिका पुरी बिकी हुई प्रतीत होती है। मामले में वास्तविक भू कब्जेदर को सुनने से देखने से ही इंकार किया जा रहा है। मामला अभी UP के पूर्व डीजीपी ने जिस तरह से लैंड schem के बारे में खुलासा किया था, वैसा ही है। की मूल मालिक भू स्वामी को पता ही नहीं की उसके जमीन, मकान का दो फर्जी दावेदार कोर्ट में केस लड़ रहे हैं। और कोर्ट उन फर्जी दावेदारों में किसी एक को उसका हकदार बना देता है। जबकि वास्तविक मालिक कोई और है,, और वास्तविक मालिक अपने ही जमीन मकान के लिए, इस घटिया दोगला और दलाल न्यायाधीश और न्यायालय के चक्कर काटता है।। यह इस न्यायपालिका और संविधान के मुंह पर जूता है, की मालिक खुद (गुनाहगार) ,,और अपराधि कानून के संरक्षण में सब काम कर रहा है, वह एक जघन्य अपराध से कम नहीं

हत्या में पुलिस सहयोग –पूरे मामले में अपराधियो के साथ पुलिस ने, एक दिव्यांग, पूर्व न्यायाधीश, और मृतक की पत्नी और स्वयं मृतक पर जो क्रूर अपराध किया है


मृतक आनंद गुप्ता, जिसकी हत्या कर दी गई

पुलिस प्रशासन कटघरे में –मृतक की मौत में बराबर पुलिस का सहयोग आरंभ से और मौत के बाद तक, साफ पता चलता है। मौत के 5दिन पूर्व थाना प्रभारी और बल सहित मृतक की गिरफ्तारी, धारा 420,467,468,471,120B के तहत अति क्रूरता और बल पूर्वक, वह भी भू नामंत्रण के 8 साल पुराने मामले में शिकायत पर, की एक अविवाहित भाई की संपति मां के नाम हस्तांतरण को लेकर, सरस्वती मगर थाने द्वारा एक दिन की शिकायत वह भी भाई द्वारा की गई जिसने दिवायंग बहन जो न्यायाधीश रही हैं और वकील हैं के साथ मृतक आनंद गुप्ता को घर में घुस कर सीसीटीवी उखड़ते हुए पूरे मोबाईल जब्ती के साथ न्यायधीशबहन के बाल में पैर से दबाते हुए मारपीट,, और इन धाराओं में कम से कम 6 माह तक ज़मानत नहीं है।,, पुलिस सहयोग,, और इनको जेल भेजने के बाद दूसरे दिन पुलिस मौजूदगी में , दूसरे दिन इनके कब्जे हक में JCB द्वारा तोड़ फोड़ पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में साफ साफ अंडरवर्ल्ड, माफिया राज में ही संभव है। वह भी छत्तीसगढ़ राजधानी स्थल में, यह पूर्व सरकार द्वारा दिया गया भय और प्रशासन का आतंक है। की 84, 000हज़ार वर्गफूटअवैध रूप से, कब्ज़ा कर जिसकी कीमत लगभग 200रोड़ होगी, में लगभग 1000 करोड़ की लागत से बन रहे मॉल के मालिक द्वारा किसी न्यायाधीश को यह धमकी की जाओ कहीं तुम्हारा न्याय नहीं हो सकता,,, यह बिहार, या अंडरवर्ल्ड की ही ताकत और भाषा है।


पीड़ित दिव्यांग न्यायाधीश अंजू गुप्ता, और निर्माणधीन 700, करोड़ का मॉल

हत्या के संदिग्ध कारण –आनंद गुप्ता अपने हक कब्जे की जमीन के लिए फर्जी दावेदार मदन बागड़ी से तो लड़ाई लड़ ही रहा था ।वहीं उस पर अपने घर को बेचने का भी दबाव बिल्डर द्वारा दिया जा रहा था, जिसमे मृतक का भाई अनिल गुप्ता शामिल है। जिसने बिल्डर से 20लाख रूपए लेकर सब सालटा लेने और मकान जमीन को बिल्डर को सौंपने का वादा किया था, पर स्व.आनंद गुप्ता नहीं माना,, और तो और स्व. आनंद गुप्ता ने बिल्डर द्वारा घेरी जा रही लगभग 84, 000हजार वर्गफूट सरकारी जमीन पर भी लिखित रूप से नगर निगम में आपत्ति दर्ज़ करी, और वह भी सर्वजनिक सहयोग से जिसमे 10लोगों के हस्ताक्षर हैं। जिससे बिल्डर और मदन बागड़ी सहित बिल्डर घबरा गए,, चूंकि अपराधियो की साजिश थी पुलिस सहयोग से, आनन्द गुप्ता और पूर्व न्यायधीश अंजू गुप्ता को जेल भेजने के बाद, पूरे जमीन मकान को बराबर कर कब्ज़ा करने की नियत थी,, जो टूट गई,, न्यायाधीश ने इसे राजस्व का प्रकरण मानते हुए, तत्काल रिहा करने को कहा, और मृतक आनंद गुप्ता, और न्यायाधीश बहन अंजू गुप्ता, 3दिन में ही, जमानत में बाहर आ गए,, तो अपराधियो को कुछ समझ नहीं आया और आनन्द गुप्ता की हत्या की ठान ली।

हत्या वाले दिन की जांच हो पुलिस भूमिका की भी –मृतक की आरंग थाना SDM न्यायालय में घर किरायेदार को लेकर पेशी थी,, जिसने 4वर्षो से किराया नहीं दिया और दुकान में कब्जे की नियत है,जिसमे मृतक के भाई अनिल गुप्ता ने कार से मृतक को अपने बेटे से बुलवाया था। और SDM न्यायालय में और पूरे दिन मृतक पर घर से कब्ज़ा छोड़ने का दबाव बनाता रहा।।और अनिल गुप्ता मृतक के नाम पर 2, से 3, व्यापार संचालित करता था। जो मृतक की मौत के रहस्य के साथ ही गायब हो गया,, मृतक की पत्नी ने तो पति खोया, एक नाबालिग पुत्र अनाथ हो गया,, पर मृतक के नाम संचालित व्यापार के बारे में भाई अनिल गुप्ता ने किसी को नहीं बताया,, और मौत वाले दिन,, पुलिस के नाम पर लगातार धमकाता रहा,,,,,, यही नहीं मौत के 10मिनट पहले मृतक के मोबाईल में, थाना आरंग के ASI महेश्वर देवांगन का 9 बार मृतक के मोबाईल में मिस का होना,, और इसी ASI द्वारा हॉस्पिटल में आकर गाय से टकराकर दुर्घटना लिख देना,, पुलिस कानून के अनुसार विवेचक अपना कथन नहीं करता,, पर महेश्वर देवांगन का कथन,, मौत जैसे घटना ,में रिस्तेदारो से किया व्यवहार,, बहन जो न्यायाधीश रही है,, इनको पहले घरेलू बताना की पुलिस कार्यवाही कर सके फिर यह लिखना की अंजू गुप्ता अपने को वकील जज बता कर बुरा बर्ताव कर रही है,,, यह महेश्वर देवांगन के पूरे क्रिया कलाप और मौत पर पर्दा डाल कर दफनाने की क्रिया है,, क्यूं की,700 करोड़ का मालिक या तान कर खरीदी पर ही ऐसा संभव है मुम्बई पुलिस का रोल देखने मिलता है,, जिसमे डॉन के सब बिकाऊ और गुलाम होते हैं।


ASI का 9बार मिस कॉल, आखिर क्यूं, 10मिनट पहले घटना से

सीबीआई/न्यायिक जांच की मांग ,मृतक की बहन अंजू गुप्ता पूर्व न्यायधीश व अधिवक्ता वर्तमान गृह मंत्री विजय शर्मा से मिलकर घटना से संबंधित सभी सबूत पेश करते हुए घटना की CBI से जॉच की मांग की है। की एक हाई कोर्ट से स्थगन का फर्जी मामला सिविल कोर्ट रायपुर में सुना जा रहा है, और पुलिस ने नहीं माना। और इसी भुमि के लिए उनके भाई आनन्द गुप्ता की जान ले ली गई। जिसपर उनका आज 40वर्षो से कब्ज़ा निवास है, और उनके घर की 2 ID कर दी गई, फर्जी दावेदार के पक्ष में, जबकि मामला फर्जी तरीके से न्यायालय में लंबित है। बिल्डर ने 120परिवारों के विस्थापन से ख़ाली हुई जमीन भी पूरी कब्ज़ा कर ली और मॉल का निर्माण कर रहा है। यह एक जमीन घोटाला भी है, जो लगभग 200करोड़ मूल्य की जमीन है। चूंकि मृतक अपनी भुमि बेचना नही चाहते थे, और मॉल के सामने इनका मकान भुमि आती है इसलिए हत्या कर दी गई। जिसकी जांच हो।

           प्रधान सम्पादक –उदित भारत न्यूज

UB News

UB News

Hi, I’m Annalise Quitzon, Your Blogging Journey Guide 🖋️. Writing, one blog post at a time, to inspire, inform, and ignite your curiosity. Join me as we explore the world through words and embark on a limitless adventure of knowledge and creativity. Let’s bring your thoughts to life on these digital pages. 🌟 #BloggingAdventures

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy