नईदिल्ली ।
उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों से पता चलता है कि पाकिस्तान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नूर खान एअरबेस को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अनुमान से कहीं ज्यादा नुकसान हुआ है। नूर खान एअरबेस ड्रोन और वीआईपी हवाई बेड़े का महत्वपूर्ण केंद्र है। यह इस्लामाबाद से 25 किलोमीटर से भी कम दूरी पर रावलपिंडी में स्थित है।यह एअरबेस एक प्रमुख लक्ष्य है, जहां पाकिस्तानी वायु सेना के प्रमुख साजोसामान हैं। रक्षा विश्लेषक डेमियन साइमन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि नूर खान एयरबेस की तस्वीरों से पता चलता है कि भारत ने जहां हमला किया, उसके पास का पूरा परिसर अब ध्वस्त हो चुका है। हमले का असर अनुमान से कहीं ज्यादा था। इससे भारतीय वायु सेना के सटीक हमलों के प्रभाव का भी पता चलता है।द गार्जियन ने कहा है कि शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया था कि भारत के हमले से दो ट्रकों को नुकसान पहुंचा। लेकिन, इंटेल लैब द्वारा साझा तस्वीरों से लगता है कि नुकसान कहीं अधिक है। भारत ने आठ से 10 मई के बीच एअरबेस पर बुनियादी ढांचे और ग्राउंड सपोर्ट सिस्टम को निशाना बनाकर सटीक हमले किए।इस हमले को रणनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों रूपों में देखा गया, क्योंकि यह बेस पाकिस्तान सेना के मुख्यालय के करीब है और हवाई परिचालन के लिए कमान सेंटर के रूप में कार्य करता है। हमले ने व्यापक पैमाने पर पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली की कमजोरियां उजागर की हैं।
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