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पत्रकार वार्ता : सीएम हाउस से फोन गया और कांग्रेस प्रत्याशी प्रत्याशी का नामांकन हो गया रद्द -कांग्रेस

पत्रकार वार्ता : सीएम हाउस से फोन गया और कांग्रेस प्रत्याशी प्रत्याशी का नामांकन हो गया रद्द -कांग्रेस

रायपुर।  

सीएम हाऊस से फोन गया था धमतरी महापौर का नामांकन निरस्त करने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 30 जनवरी को जिस विचारधारा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या किया था, वही विचारधारा एक बार फिर से 30 जनवरी को धमतरी में लोकतंत्र की हत्या किया। स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी सत्ता का दुरुपयोग कर रही है।

कांग्रेस के प्रत्याशियों को चुनाव लडऩे से रोकने के लिये तमाम तरीके का षडय़ंत्र सरकार द्वारा किया जा रहा है। धमतरी में कांग्रेस के महापौर के प्रत्याशी विजय गोलछा का नामांकन फार्म षडय़ंत्रपूर्वक मुख्यमंत्री के निर्देश पर रद्द कर दिया गया। विजय गोलछा के नामांकन पर आपत्ति आने के बाद कल ही रात को मुख्यमंत्री ने धमतरी कलेक्टर को निर्देश दिया कि कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन पर लगी आपत्ति को स्वीकार कर नामांकन रद्द कर दिया जाये। विजय गोलछा नगर निगम धमतरी के पंजीकृत ठेकेदार नहीं है। वे पीडब्ल्यूडी में पंजीकृत ठेकेदार है तथा उन्होंने धमतरी निगम में एक वर्ष पूर्व काम लिया था जो उसी समय पूरा हो चुका था। उसकी एनओसी भी उन्होंने निगम से लिया था। धमतरी कलेक्टर ने अवैधानिक तरीके से उनका नामांकन निरस्त किया। 29 जनवरी को रात का धमतरी कलेक्टर के मोबाईल नंबर का कॉल डिटेल सार्वजनिक किया जाये। स्पष्ट हो जायेगा कि मुख्यमंत्री निवास से उनको फोन गया था या नहीं। धमतरी कलेक्टर भाजपा के एजेंट की भांति काम कर रहे है। हम निर्वाचन आयोग से मांग करते है कि धमतरी कलेक्टर को तत्काल हटाया जाये। धमतरी के अलावा दंतेवाड़ा, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग में हमारे वार्ड प्रत्याशियों के नामांकन भी सरकार ने दबावपूर्वक निरस्त किया गया।

भाजपा स्थानीय निकाय चुनाव कराना ही नहीं चाहती थी

भाजपा स्थानीय निकाय चुनाव कराना ही नहीं चाहती थी, पहले अध्यादेश लाकर चुनाव पीछे करने की साजिश किया गया, फिर चुनाव 6 महीने बढ़ाने विधेयक लाकर कानून बनाया गया। जब जनता का दबाव पड़ा तो चुनाव की घोषणा किया गया लेकिन अभी भी सरकार हार के डर से विरोधी दल के उम्मीदवार को चुनाव लडऩे से रोका जा रहा है। बिलासपुर की भाजपा महापौर प्रत्याशी पूजा विधानी तेलुगु समाज से आती है। नामांकन पत्र में उन्होंने खुद को उडिय़ा बताया है। पूजा विधानी का असली नाम एल पद्मजा है अशोक विधानी से शादी के बाद उनका नाम पूजा विधानी पड़ा। एम पद्मजा को तेलगु समाज का माना जाता था पर उडिय़ा समाज का होने और ओबीसी वर्ग से होने का उन्होंने नामांकन भरा। पूजा विधानी का ओबीसी समुदाय का होने का तथाकथित प्रमाण और दस्तावेज छत्तीसगढ़ का नहीं है। कांग्रेस प्रत्याशी के तथ्यपूर्ण और तर्कसगंत आपत्ति को सरकार और भाजपा नेताओं के दबाव में बिलासपुर कलेक्टर ने दरकिनार कर दिया।

नियमत: किसी भी व्यक्ति का जाति प्रमाण पत्र उसी राज्य में बनने पर ही मान्य किया जाता है। राज्य के बाहर के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर न चुनाव लड़ा जा सकता है और न ही नौकरी के लिये पात्र माना ताता है। बिलासपुर कलेक्टर ने पूजा विधानी का जाति प्रमाण पत्र भाजपा प्रत्याशी होने के कारण अवैध तरीके से स्वीकार किया। सरकार कितना भी षडय़ंत्र करे, कुछ भी कर ले कांग्रेस पूरी दमदारी से चुनाव लड़ेगी। हमें जनता जनार्दन पर भरोसा है। जनता भाजपा के सारे अलोकतांत्रिक कदम का जवाब मतदान में देगी।
पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महामंत्री दीपक मिश्रा, सकलेन कामदार, धमतरी जिला अध्यक्ष शरद लोहाना, धमतरी महापौर प्रत्याशी विजय गोलछा, वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह उपस्थित थे।

Uditbharatnews News

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