उत्तराखंड ।
बद्रीनाथ-माणा में रेस्क्यू अभियान फिर शुरू किया गया है। भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने जानकारी दी, कि उत्तराखंड के चमोली जिले में हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में रविवार को तलाशी अभियान के लिए एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर ड्रोन आधारित इंटेलिजेंट बरीड ऑब्जेक्ट डिटेक्शन सिस्टम को एयरलिफ्ट करने के लिए तैयार है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा, मौसम ने हमारा साथ दिया है। कुल 54 (बीआरओ कर्मचारी) लापता हैं, 50 को बचा लिया गया है और चार लोगों की जान चली गई है। चार लोग अभी भी लापता हैं और तलाशी और बचाव अभियान चल रहा है और हमें उम्मीद है कि हम उन्हें जल्द ही ढूंढ लेंगे। घायल बीआरओ कर्मियों को आगे के उपचार के लिए जोशीमठ आर्मी अस्पताल में एयरलिफ्ट किया जा रहा है।हिमस्खलन के बाद बर्फ में फंसे शेष कर्मियों की तलाश के लिए एसडीआरएफ की एक टीम आज पीडि़त लोकेटिंग कैमरा और थर्मल इमेज कैमरा लेकर रवाना हुई। पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ रिधिम अग्रवाल के निर्देशानुसार माणा में हिमस्खलन के दौरान लापता कर्मियों की तलाश के लिए एसडीआरएफ की एक विशेषज्ञ टीम को पीडि़त लोकेटिंग कैमरा (वीएलसी) और थर्मल इमेज कैमरा के साथ सहस्त्रधारा से हेलीकॉप्टर के जरिए घटना स्थल पर भेजा गया है। इन उपकरणों (पीडि़त लोकेटिंग कैमरा (वीएलसी) और थर्मल इमेज कैमरा) की मदद से तलाश की जाएगी।
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