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अंतरिक्ष से सीधे समुद्र में पहुंचेंगी सुनीता विलियम्स, 9 महीने बाद कल ऐसे होगी वापसी

अंतरिक्ष से सीधे समुद्र में पहुंचेंगी सुनीता विलियम्स, 9 महीने बाद कल ऐसे होगी वापसी

न्यूयॉर्क।

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर नौ महीने से फंसे दो अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर नासा ने पुष्टि की है कि वे मंगलवार की शाम पृथ्वी पर लौट आएंगे। बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स एक अन्य अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और एक रूसी कॉस्मोनॉट के साथ स्पेसएक्स क्रु ड्रैगन यान से वापस आएंगे, जो रविवार सुबह आईएसएस पर पहुंचा था। नासा ने रविवार शाम को कहा कि इन अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी मंगलवार को फ्लोरिडा तट पर समुद्र में उतरने का समय शाम 5.57 बजे (भारतीय समयानुसार 19 मार्च की सुबह 3.30 बजे) होगी। पहले यह वापसी बुधवार से पहले नहीं होने जा रही थी। विल्मोर और विलियम्स जून 2023 से आईएसएस पर हैं। वे बोइंग स्टारलाइनर यान के पहले मानवयुक्त परीक्षण उड़ान में गए थे, लेकिन उसमें तकनीकी खराबी आ गई, जिससे वह सुरक्षित वापसी के लिए अनुपयुक्त हो गया। नासा ने बताया कि इस वापसी का समय इस तरह तय किया गया है कि आईएसएस के दल अपना काम पूरा करने का समय मिल जाए और साथ ही सप्ताह के अंत में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए लचीलापन बना रहे। नासा ने कहा है कि वो स्पेसएक्स क्रु-9 के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से धरती पर लौटने का सीधा प्रसारण करेगा। ये प्रसारण 17 मार्च की रात 10.45 बजे (अमेरिका के समय के अनुसार) से शुरू होगा। भारत में ये समय लगभग 18 मार्च की सुबह 8.30 बजे होगा। नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोरबुनोव भी ड्रैगन कैप्सूल में वापस आएंगे।
यह यात्रा विलमोर और विलियम्स के लिए राहत लेकर आएगी, जो कुछ दिनों की यात्रा के लिए गए थे, लेकिन नौ महीने तक फंसे रह गए। बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष स्टेशन में रहना, आम तौर पर छह महीने के रहने से ज्यादा था, लेकिन यह अमरीकी अंतरिक्ष यात्री फ्रैंक रुबियो के 2023 में बनाए 371 दिन के रिकॉर्ड और रूसी अंतरिक्ष यात्री वालेरी पॉलाकोव के मीर स्टेशन पर बनाए 437 दिन के विश्व रिकॉर्ड से कम था।
इतनी लंबी अवधि तक परिवार से दूर रहने के कारण इस मिशन ने काफी ध्यान आकर्षित किया। लंबे प्रवास के कारण इन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को अतिरिक्त कपड़े और व्यक्तिगत देखभाल के सामान भेजने पड़े, क्योंकि वे इतनी लंबी यात्रा के लिए पर्याप्त सामान लेकर नहीं गए थे।

Uditbharatnews News

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