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सकल ब्रह्मांड में सनातन संस्कृति की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही

सकल ब्रह्मांड में सनातन संस्कृति की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही

कोरबा।

प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय कोरबा के तत्वाधान में विश्व सद्भावना भवन टी.पी नगर में सनातन संस्कृति से स्वर्णिम काल की ओर विषय पर चर्चा परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से गजानन साईं मंदिर बुधवारी के ट्रस्टी हेमंत, अयप्पा मंदिर के ट्रस्टी राजेश सी .एस., माउंट अबू राजस्थान से बी.के. बालू भाई, बी.के. रुक्मणी दीदी, बी. के. बिंदु मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
साथ ही कोरबा के विभिन्न मंदिरों के ट्रस्टी, संत, महत्माये, पुजारी भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की में शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर पुजारी हेमंत ने कहा की इतने बड़े विषय को साकार करने के लिए हम सभी को एक होना पढ़ेगा उन्होंने कहा की इस प्रथम प्रयास करने के लिए इस संस्था का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हु। राजेश ने भी सभी को अपनी शुभकामनाये व्यक्त की। बी.के बिंदु ने कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए कहा कि हमारा स्वर्णिम काल तभी आएगा जब हमारी सनातन संस्कृति जो विलुप्त हो गयी है उसे हम जागृत करेंगे। बिना सनातन संस्कृति के स्वर्णिम काल आ ही नहीं सकता। बी. के. बालू ने कहा कि हम भगवान को सब तरफ खोजते है ओर जब मैं इस विद्यालय में आया तो पहले दिन मुझे इन दोनों प्रश्नों के उत्तर मिल गए। बी. के. रुक्मणि ने कहा की हम सब परमात्मा शिव के बच्चे है हम सब का कर्तव्य है उस पिता का नाम रोशन करना और नाम रोशन तब होगा जब हमे अपना परिचय होगा। अंत में बी.के. तुलसी ने सभी को मैडिटेशन कराया। समापन पर सभी को स्मृति चिन्ह दिए गए।

Uditbharatnews News

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