नई दिल्ली।
कांग्रेस ने गुरुवार को आरोप लगाया कि नए आयकर कानून से कर अधिकारियों को सभी करदाताओ के ई-मेल, इंटरनेट मीडिया और बैंक खातों तक पहुंचने में मदद मिलेगी, जिससे भारत एक निगरानी राज्य (सर्विलांस स्टेट) बन जाएगा।
पार्टी की प्रवक्ता और इंटरनेट मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह सभी के लिए चेतावनी है, क्योंकि अब ई-मेल, इंटरनेट मीडिया, बैंक और ट्रेडिंग खाते निशाने पर हैं।
निजी जिंदगी को पूरी तरह से छीन लेंगे
कांग्रेस ने एक्स एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने पेगासस के जरिए हम पर जासूसी की। अब वे हमारी निजी जिंदगी को पूरी तरह से छीन लेंगे। मोदी के नए कानून के तहत सरकार चुपचाप अधिकारियों को आपके डिजिटल जीवन में घुसपैठ करने की ताकत दे रही है। कोई वारंट नहीं, कोई नोटिस नहीं, केवल शक ही आपकी निजता को छीनने के लिए पर्याप्त है। यह निगरानी है। हमें इसका स्पष्ट रूप से विरोध करना चाहिए।
नया आयकर कानून में ईमेल तक असीमित पहुंच की अनुमति
श्रीनेत ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि नया आयकर कानून कर अधिकारियों को आपके ईमेल तक असीमित पहुंच की अनुमति देता है। यानी आपकी निजी बातचीत को पढ़ सकते हैं, आपके इंटरनेट मीडिया, आपके पोस्ट, संदेश और बातचीत की निगरानी कर सकते हैं। आपके बैंक खाते को देख सकते हैं कि प्रत्येक रुपया जो आपने कमाया और खर्च किया है। आपके ट्रेडिंग खाते को देख सकते हैं, आपके निवेश और वित्तीय गतिविधियों को देख सकते हैं।
विपक्ष को कुचलने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें ऐसा करने के लिए किसी प्रमाण की जरूरत नहीं है, केवल शक ही काफी है। सरकार के पास असीमित ताकत है। मोदी सरकार आलोचकों को चुप कराने और विपक्ष को कुचलने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि ‘नमामि गंगे’ योजना के तहत आवंटित धन की 55 प्रतिशत राशि खर्च नहीं की गई जो इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गंगा की सफाई की अपनी गारंटी भुला दी और सफाई के नाम पर मां गंगा को केवल धोखा दिया है।खरगे ने गुरुवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘मोदी जी ने कहा था कि उनको ‘मां गंगा ने बुलाया है’, पर सच ये है कि उन्होंने गंगा सफाई की अपनी गारंटी को भुलाया है।’
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