Search

नाली का ढक्कन बनाकर ढकना भूल गया पालिका प्रशासन खुली नालियां दे रही हादसों को दावत

नाली का ढक्कन बनाकर ढकना भूल गया पालिका प्रशासन खुली नालियां दे रही हादसों को दावत

दंतेवाड़ा। 

बीते कार्यकाल में नगर की खुली नालियों को ढंकने के लिए अलग अलग वार्डो में ढक्कन बनाने का काम तो हुआ मगर नगर पालिका प्रशासन इसे ढकना भूल गई है ऐसा लगता है। पालिका प्रशासन की सुस्त एवं लचर कार्यप्रणाली के चलते नालियों को आज पर्यत तक ढंका नहीं गया है। वार्डो एवं सड़क किनारे की खुली नालियां हादसों का सबब बनती जा रही है। आए दिन मवेशी या फिर छोटे बच्चे इसमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। नगर पालिका का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। नालियां का ढक्कन बनाने वाले ठेकेदार को पालिका कुछ नहीं कहती वहीं पालिका के तकनीकी अधीकारी जिन्हें ये देखने की जिम्मेदारी है कि नालियों के लिए बनाए गए ढक्कन नालियों पर चढ़ाए गए हैं या नहीं उहें भी कोई मतलब नहीं होता। 

गौरतलब है कि नगर के वार्ड नंबर 14 में देवभोग हॉटल के सामने तथा पुराने साप्ताहिक बाजार चौक स्थल पर कई महिनों पहले खुले नालियों को ढंकने के लिए ढक्कन बनाए गए थे। ढक्कन बनकर सुखकर सड़क किनारे पड़े सालों बीत गए हैं मगर अब तक उहें उठाकर नालियों के उपर नहीं रखा गया है। ढक्कन होते हुए भी नालियां खुले में पड़ी है जिसमें आए दिन मवेशी या आम इंसान इसमें धोखे से गिरता रहता है। ये खुली नालियां हमेशा हादसों को आमतरण देती हैं। नगर में अब भी कई वार्डो में नालियों को ढका नहीं गया है। नालियों में अथाह गंदगी भरी पड़ी है। न ही नालियों की सफाई होती है और ना ही नालियों को ढंकने की कवायद हो रही है। नगर पालिका के अधिकारी, अध्यक्ष व वार्ड के पार्षद की यह महती जिमेदारी बनती है कि वे घूमकर नगर के समस्याओं का जायजा लें और त्वरित निराकारण करें। मगर ऐसा लगता है कि नव निर्वाचित पार्षद एवं अध्यक्ष चुनाव जीतने के बाद अपनी जिमेदारी भुल गए हैं। जिसका खामियाजा आम वार्डवासियों को भुगतना पड़ रहा है। नगर पालिका में निर्माण कार्य होते तक सभी की इंद्रियां जागृत रहती है और जहां काम खतम, उसके बाद कोई झांकने नहीं जाता कि काम सही हुआ भी है या नहीं। शिकायत पर भी पालिका के जिमेदार अधिकारी  इस ओर कोई ध्यान नहीं देते। जब तक कोई बडा हादसा न हो जाए इनकी आंखें नहीं खुलती।

बैंक चौक में खुले नाले में कूडों का ढेर- नगर के बैंक चौक में बने नालों को देखकर कोई भी बता सकता है कि इस नाले की सालों से सफाई नहीं की गई है। नाला को ढका भी नहीं गया है। खुले नाले में आसपास के लोग कूडा करकट डालते हैं जिससे नाला पूरी तरह से खाली बातलों एवं कूडा करकट की ढेर से पटा पड़ा है। नाले में अथाह गंदगी बजबजा रही है जिसे साफी कराने का टाइम नगर पालिका के पास नहीं है। पालिका को हर साल टैक्स देने वाली नगर की जनता को क्या इतना भी अधिकार नहीं कि वे स्वच्छ वातावरण में अपनी सांस ले सकें। गंदगी, मच्छरो के संक्रमण के चलते आए दिन लोग संक्रमित होकर बीमार हो रहे हैं। नगर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह से गड़बडाई हुई है। इसका जिम्मेदार  नगर पालिका प्रशासन  है।

Uditbharatnews News

Uditbharatnews News

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy