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टेंडर पास होने के साथ शुरू होगी रेल अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया, मिलेगी सुविधा

टेंडर पास होने के साथ शुरू होगी रेल अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया, मिलेगी सुविधा

कोरबा।

औद्योगिक नगर कोरबा में रेलवे क्रासिंंग की भरमार होने के कारण आवागमन में चुनौती पेश आ रही है। लोगों को हर रोज इससे परेशान होना पड़ रहा है। अरसे से चल रही नाराजगी के बाद कोरबा संजय नगर क्षेत्र में पहला रेल अंडरपास स्वीकृत हुआ है। प्रारंभिक औपचारिकताओं को किया जाना जारी है। नगरीय निकाय चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के साथ इस काम से संबंधित टेंडर के पास होने की रफ्तार बढ़ी है। यह काम पूर्ण होने से नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ सेतु निगम के द्वारा निर्माण को शुरू किया जाएगा।
कोरबा के प्रथम रेल अंडरपास का निर्माण नई बस्ती क्षेत्र के अंतर्गत संजय नगर-स्टेशन मार्ग पर किया जाना है। 30 करोड़ रुपए इस प्रोजेक्ट पर खर्च होना अनुमानित है। कास्ट शेयरिंग बेसेस पर होने वाले निर्माण की 50-50 प्रतिशत राशि जिला प्रशासन और रेलवे को वहन करना है यानि दोनों ही 15-15 करोड़ रुपए की भागीदारी इस निर्माण पर करेंगे। प्रदेश में विष्णुदेव साय सरकार के गठन के बाद स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया गया और हर रोज होने वाली परेशानियों के निराकरण से निजात दिलाने की मांग की गई। आनन-फानन में हुई बातचीत से तय हुआ कि अंतत: यहां रेल अंडरपास बनाया जाए। उक्तानुसार योजना का प्राक्कलन बनाने के साथ संबंधित क्षेत्र का सर्वे किया गया। जल संसाधन विभाग ने अपनी जमीन पर अवैध रूप से काबिज लोगों को हटाने अगस्त 2024 में नोटिस दिया। वर्षाकाल की समाप्ति के बाद इस तरफ कदम बढ़ाए गए। खबर के अनुसार रेल अंडरपास बनाने के लिए अब काम को शीघ्रता दी जा रही है। खबर है कि समयसीमा का निर्धारण करने के साथ रेल अंडरपास का निर्माण कराने को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके बन जाने से गेवरारोड-कोरबा रेलखंड पर रेल आवागमन निर्बाध रूप से हो सकेगा।
इलाके के प्रभावितों को बांटा तीन करोड़ का मुआवजा
सामान्य तौर पर अतिक्रमण के प्रकरणों में संबंधितों को किसी प्रकार की राहत देने के नियम नहीं है। इसके परे जाकर कोरबा में रेल अंडरपास के दायरे में आने वाले लोगों को तीन करोड़ रुपए का कुल मुआवजा वितरित किया गया है। इस इलाके में कच्चे-पक्के मकान और छोटी-बड़ी दुकानें चल रही थी। लोगों के अपने-अपने दावे थे कि वे कई दशक से यहां पर काबिज रहे। उनकी जीविका का आधार सुनिश्चित हुआ। काफी समय के बाद उन्हें बताया गया कि जमीन सिंचाई विभाग और रेलवे के हिस्से की है। रेल अंडरपास की जद में आने वाली जमीन पर बनी परिसंपत्ति को हटाने के साथ अब यहां रेलवे ने इस आशय की सूचना लगाई है कि जमीन उसकी अपनी है और इस पर किसी और का कोई दावा नहीं बनता। जानकारी के अनुसार कोरबा के मानिकपुर और गेवरा बस्ती इलाके में ऐसी और भी जमीन है जहां से आगामी दिनों में बुलडोजर चल सकते हैं।
95 परिसंपत्ति आई चपेट में
स्टेशन रोड, नहर पुल और कोतवाली की तरफ के रास्ते में रेल अंडरपास की चपेट में 95 परिसंपत्ति आई है। इन सभी को हटाने का काम जारी है। अधिकांश मामलों में तोडफ़ोड़ हो चुकी है। धीरे-धीरे सभी जमींदोज होंगे।
बहुत जल्द दिखेगी प्रगति
रेल अंडरपास का टेंडर प्रक्रियाधीन है। निकाय चुनाव की आचार संहिता हट गई है। जल्द ही टेंडर ओपन होगा। इसके साथ हम काम शुरू करेंगे।
-अक्षय जैन, एसडीओ सेतु निगम कोरबा

Uditbharatnews News

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