इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में गुरूद्वारा पहुंचे पूर्व केबिनेट मंत्री व नगर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि इतिहास में सिक्खों के गुरू गोविन्द सिंह एवं उनके वीर साहबजादे का नाम और स्थान सबसे ऊंचा है, हिन्दू धर्म के प्रति उनकी निष्ठा, शौर्य,साहस और समर्पण अद्वितीय है, जब साहबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेहसिंह ने धर्म परिवर्तन को स्वीकार्य नहीं करने पर उन्होंने अपने आप को बलिदान देना ही श्रेष्ठकर समझा उस समय उन वीर बालकों की उम्र क्रमशः 9 और 7 वर्ष थी, जिन्हें मुगलों ने 26 दिसंबर 1705 में दीवारों में चुनवा दिया था।
कलगीधर गुरूद्वारा में की गई अरदास
नगर विधायक अमर अग्रवाल के उपस्थिति में कलगीधर गुरूद्वारा में पश्चिम मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह भोगल तथा शताधिक पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में वीर बाल बलिदानी दिवस पर चारों साहेबजादे के नाम अरदास कर पुण्य स्मरण किया गया। उक्त अवसर पर गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष दिलवेश सिंह एवं विकू भाटिया ने गुरू गोविन्द सिंह के परिवार व चारों बालकों के बलिदान देने संबंधी इतिहास को उपस्थित लोगों को विस्तार से बतलाया। अंत में प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर लक्ष्मी नारायण कश्यप, वैभव गुप्ता, चंदन गोस्वामी, कार्तिक यादव, राजेश पांडे, संजय पांडे, विजय यादव, मनीष चौहान, श्रद्धा तिवारी, श्रद्धा जैन, कमल जैन, मीनाक्षी यादव, सरिता ठाकुर, किरण मूल, स्मृति नामदेव, राजेश जिला रे पिंकी नवानी हेमंत कलवानी, शत्रुघ्न जवानी, सुखविंदर सिंह, वीरेंद्र वर्मा, कालेश्वर सूर्यवंशी, सरिता खांडेकर, बबीता वाडेकर, संजय गुप्ता, मुकेश भारत, मनोज यादव, मन्नू यादव, ध्रुव देवांगन, मनमोहन देवांगन सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।