बांग्लादेशी चोरों का नेटवर्क ध्वस्त, अंतरराष्ट्रीय गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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महासमुंद।

जिले में अलग-अलग स्थानों पर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतर्राष्ट्रीय चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो बांग्लादेशी नागरिक, एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्कर और एक सहयोगी शामिल हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ फॉरेनर एक्ट 1946 के तहत मामला दर्ज किया है। चोरी के लिए बर्तन बेचने का बहाना मुख्य आरोपी मिलन मंडल और उसका साथी मो. शफीक शेख उर्फ बाबू शेख चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए बर्तन बेचने के बहाने घरों की रेकी करते थे। पुलिस ने इन दोनों के साथ चोरी के माल को बेचने वाले. अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्कर अफसर मंडल (निवासी पश्चिम बंगाल) और चोरी के आभूषण खरीदने वाले जयदेव करमाकर को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया कि मिलन मंडल और मो. शफीक शेख ने फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवा कर अपनी पहचान छिपा रखी थी।
जनवरी में बसना थाना क्षेत्र में दिनेश अग्रवाल के घर में 5 लाख की चोरी और फरवरी में सांकरा थाना क्षेत्र में देवनाथ पटेल के घर 4.43 लाख की चोरी हुई थी। दोनों घटनाओं के पैटर्न से पुलिस को शक हुआ कि एक ही गिरोह शामिल हो सकता है। इसके बाद सांकरा और बसना थाना पुलिस तथा साइबर सेल की टीम ने CCTV फुटेज, मोबाइल टावर डंप और मुखबिरों की मदद से आरोपियों को ट्रैक कर गिरफ्तार किया।

मिलन मंडल वर्ष 2003 से अब तक 10 बार बांग्लादेश से भारत आ चुका है। वह अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्कर अफसर मंडल के जरिए अवैध रूप से भारत में घुसा था। अफसर मंडल बांग्लादेश से लोगों की तस्करी कर भारत लाने और ले जाने का काम करता था। चोरी से मिली रकम और आभूषणों की बिक्री से 18.10 लाख रुपये हवाला के जरिए बांग्लादेश भेजे गए थे। पुलिस ने जब्त किया करोड़ों का माल पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हीरा, सोना, चांदी के आभूषण (कीमत ₹58.52 लाख), नकद ₹7,000, और मोटरसाइकिल (कीमत ₹46,000) जब्त की है।

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