बस्तर का जोगी समाज अब आएगा संविधान की धारा में प्रधानमंत्री से की मांग
छत्तीसगढ़, बस्तर,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा चुनाव दौरे में, बस्तर के माई दंतेश्वरी के सेवक, जो निराहार रह कर महिषासुर का जिससे वध हुआ है। उस तलवार की सेवा करते हैं। उन जोगी से मुलाकात की, विशेष यह है की आमावाल, और बड़ेडोंगर यह दो स्थान है। जहां जोगी अपनी सेवा देते हैं। और इतिहास में पहली बार है कि कोई प्रधानमंत्री की यहां पहुंच हुई, जोगी से मुलाकात करने पर प्रधानमंत्री से जोगी ने अपने समाज जो संविधानिक त्रुटि का शिकार है। उसे सुधार और मुख्य समाजिक धारा में लाने के लिए पत्र दिया और मांग की।
जाति का आज तक उल्लेख नहीं यह कोई जाति न होकर हालबा जाति के लोग ही है, जो अनुसूचित जन जाति में आते हैं। जो राजा द्वारा मां दंतेश्वरी की सेवा के लिए नियुक्त किए गए लोगों में है, जो तलवार की सेवा करते हैं, नवरात्री में 9 दिन निराहार रह कर, जिस स्थान पर ये निराहार उपासना सेवा देते हैं, उसे जोगी गुफा कहा जाता है , जिसके कारण इस समाज को जोगी उल्लेख कर दिया गया, जिसका कोई संवैधानिक रूप से स्पष्ट जाति उल्लेख नहीं है। और यह हलबा जाति मूल से, कट गया, जबकि हाल्बा ही इनके पूर्वज है।
समाजिक रूप से भी उपेक्षित , आज यह समाज मूल से कटने के कारण विवाह संबंधी समस्या,, नई पीढ़ी के सामने,, शासकीय रूप से मिलने वाले, लाभों से वंचित,
प्रधाममंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया पत्र

प्रधानमंत्री के अमाबल पहुंचने पर अपनी इस समस्या से अवगत कराते हुए, जनजाति सूची में जोड़ने के लिए जोगी जी ने पत्र दिया और मांग की। जिसका प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया।
