संगीतमय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव लीलाओं का विस्तार से वर्णन

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सक्ती।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के प्रभारी एवं लक्ष्य  समाज सेवी संस्था के अध्यक्ष अर्जुन राठौर के निवास पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भागवताचार्य पंडित उत्तम मिश्रा के द्वारा संगीतमय कृष्ण जन्मोत्सव श्रीकृष्ण लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया गया। आचार्य जी ने श्रीकृष्ण जन्म और भगवान श्रीकृष्ण के अन्य लीलाओं का बहुत ही सुंदर ढंग से कथा श्रवण कराया और कहा कि जब-जब धरती पर पाप अत्याचार अधिक होता है तो भगवान अवतार लेकर के धर्म की स्थापना के लिए धरती पर आते हैं ठीक इसी तरह धरती से पाप को बाहर उतारने के लिए भगवान श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिए भगवान का जन्म कारागृह में भाद्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि के समय कारागृह में माता देवकी के आठवें पुत्र के रूप में प्रकट हुए महाराज जी ने माखन चोरी लीला का विस्तार से वर्णन किया भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी लीला एक अद्भुत प्रेम लीला है और आगे महाराज जी ने अन्य राक्षसों के वध के बारे में बकासुर और पूतना का दुध और विष और प्राण पीकर उसका वध की कथा विस्तार से श्रवण कराया आगे भगवान श्रीकृष्ण जी कुछ समय गोकुल में लीला की और उसके बाद वृंदावन में भगवान ने अनेक लीला किया वृंदावन भगवान कि लीला स्थल है। महाराज जी यह भी बताया कि व्रज छोड़कर के भगवान श्रीकृष्णा मथुरा में प्रवेश की कुब्जा का भी उद्धार किया और कंस जैसे अत्याचारी महा पापी का वध करके धरती को पाप के बाहर से उतारा और रासलीला का संपूर्ण कथा श्रवण कराते हुए रासलीला की संगीत में सभी भक्तों का मन मोह लिया और सभी भक्तो ने भी झूमकर नृत्य करते हुए आनंद मनाए भगवान श्रीकृष्ण के अन्य लीलाओं का वर्णन गोवर्धन लीला एवं कान्हा जी की पुरी बाल लीला से लेकर कंस वध और भगवान की जन्मस्थली से लेकर द्वारकापुरी में पहुंचकर एक गरीब निर्धन ब्राह्मण जो कृष्ण जी के परम सखा सुदामा चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। कार्यक्रम का समापन जगत के पालनहार श्री बांके बिहारी कृष्ण कन्हैया के जन्मदिवस पर केक काटकर बड़ी धूमधाम से मनाया गया कार्यक्रम में क्षेत्र के सभी भक्तगण सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रहे।

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