मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अटल आवास योजना अंतर्गत 226 आवासों का लोकार्पण

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रायपुर ।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के तहत् ग्राम मुरमुंदा स्थित अटल आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 226 नवीन आवासों का विधिवत लोकार्पण कर हितग्राहियों को उनके सपनों का घर सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने भवन क्रमांक 226 के स्वामी   तुषार साहू को गृह प्रवेश कराते हुए कहा, आज हम आपको सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि आपके सपनों का आशियाना सौंप रहे हैं। यह क्षण न केवल आपके जीवन का बल्कि शासन के जनकल्याणकारी प्रयासों का भी स्मरणीय पड़ाव है।

मुख्यमंत्री ने सभी हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को गरिमामय और सुरक्षित आवास उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि अटल आवास जैसी योजनाएं जनसामान्य को न केवल आवासीय सुविधा देती हैं, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी अहम भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

साकार हुआ वर्षों का सपना
आवास क्रमांक 226 के लाभार्थी  तुषार साहू ने मुख्यमंत्री के हाथों गृह प्रवेश प्राप्त कर अभिभूत होते हुए कहा कि हमेशा एक सुंदर, स्वच्छ और शांत वातावरण में रहने का सपना देखा था। वर्षों का यह सपना आज साकार हुआ। मुख्यमंत्री जी द्वारा गृह प्रवेश कराना मेरे लिए गर्व और भावुकता का क्षण है। उन्होंने बताया कि यह 2 बीएचके आवास सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त है और बाज़ार मूल्य की तुलना में किफायती भी है।  साहू इस अवसर पर अपने माता-पिता और परिजनों के साथ उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने उनके आवास का अवलोकन भी किया और निर्माण गुणवत्ता की सराहना की।

कई हितग्राहियों को मिली चाबी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा  रूपनारायण देवांगन,  अरुण साहू, तथा  चंद्रशेखर राठौर को भी उनके आवास की चाबी सौंपी गई। भवन क्रमांक 215 के स्वामी  अरुण साहू, जो भिलाई इस्पात संयंत्र में पदस्थ हैं। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट से पहले अपने स्वप्निल घर में प्रवेश करना मेरे जीवन की सबसे सुखद अनुभूति है। अटल आवासयोजना के माध्यम से राज्य शासन ने हमें वह अवसर दिया है, जिसकी वर्षों से प्रतीक्षा थी।

उज्ज्वल आवासीय भविष्य की सौगात
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा संचालित अटल आवास योजना के तहत ग्राम मुरमुंदा में लगभग 10 एकड़ भूमि पर 24 करोड़ 57 लाख 98 हजार रुपए की लागत से कुल 226 स्वतंत्र आवास और 12 दुकानों का निर्माण किया गया है। इनमें 55 भवन ईडब्ल्यूएस श्रेणी, 69 एलआईजी-ए टाइप, 86 बी टाइप, 16 एमआईजी टाइप के हैं। सभी भवनों का विक्रय पूर्ण हो चुका है तथा 7 भवनों की रजिस्ट्री भी की जा चुकी है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से नक्सल हिंसा पीड़ितों के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

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रायपुर ।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बस्तर अंचल से आए नक्सल हिंसा पीड़ितों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में सुकमा, बीजापुर, कांकेर सहित बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों के वे नक्सल हिंसा पीड़ित शामिल थे, जिन्होंने विगत वर्षों में नक्सली हिंसा के कारण अपनों को खोया है, शारीरिक यातनाएँ झेली हैं अथवा विस्थापन का दंश सहा है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री   विजय शर्मा भी उपस्थित थे।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  साय को ज्ञापन सौंपते हुए कुर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान को निर्णायक मोड़ तक पहुँचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बस्तर के हजारों परिवार चार दशकों से माओवादी आतंक की विभीषिका का सामना कर रहे हैं, जिसने क्षेत्र की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक बुनियाद को गहरा नुकसान पहुँचाया है। हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और सरकार की समावेशी विकास की नीति से बस्तर में शांति और विकास की आशा फिर से जगी है। ग्रामीणों ने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों को इस नई जागरूकता और विश्वास का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री   साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कुर्रेगुट्टा में चलाया जा रहा सुरक्षा अभियान निर्णायक चरण में है। सरकार किसी भी कीमत पर नक्सल उन्मूलन अभियान को पूर्ण करेगी ताकि बस्तर के विकास को गति मिले। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद सिर्फ एक हिंसक आंदोलन नहीं, बल्कि हमारी सह-अस्तित्व पर आधारित संस्कृति पर खतरा भी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हर नक्सल पीड़ित परिवार के साथ सरकार खड़ी है और सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ने या अभियान में बाधा डालने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि बस्तर में स्थायी शांति और समावेशी विकास ही सरकार का लक्ष्य है, और यह तभी संभव है जब क्षेत्र को हिंसा और भय के साये से पूरी तरह मुक्त किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने आशा व्यक्त की कि नक्सल विरोधी संघर्ष में जन-भागीदारी और विश्वास की शक्ति से हम निस्संदेह सफलता प्राप्त करेंगे और बस्तर को स्थायी शांति और विकास की दिशा में अग्रसर करेंगे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कामकाज की समीक्षा

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रायपुर । 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और इसकी गहन निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हैंडपंपों की मरम्मत के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों के तहत तेजी से कार्य हुए हैं और अब तक 86 मोबाइल यूनिट्स के माध्यम से 11,238 हैंडपंपों की मरम्मत पूरी की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहाँ भी पेयजल से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहाँ तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली और प्रदेश में पेयजल की उपलब्धता, भूजल स्तर, जल जीवन मिशन की प्रगति और जल संरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने सरगुजा में पीएचई विभाग का मुख्य अभियंता परिक्षेत्रीय कार्यालय खोलने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने “सुशासन तिहार” के दौरान प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है और प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने हर घर नल से जल पहुँचाने का बड़ा संकल्प लिया है। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को उन्होंने समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन की आगामी वर्षों की कार्ययोजना की भी समीक्षा की। साय ने कहा कि भूजल स्तर में गिरावट से प्रभावित विकासखंडों के साथ-साथ बिना जल स्रोत वाले ग्रामों की सूची भी तैयार करें, ताकि इसे दूर करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।साय ने भूजल संकट से जूझ रहे 6 जिलों के 10 विकासखंडों को लेकर चिंता जताई और कहा कि अल्पकालिक व दीर्घकालिक योजनाएँ बनाकर जल संकट से निपटना होगा। उन्होंने रिचार्ज पिट और वर्षा जल संचयन जैसी जल संरक्षण तकनीकों को बढ़ावा देने की बात कही और अनियंत्रित भूजल दोहन पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कृषि, जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और वन विभागों को आपसी समन्वय के साथ “कैच द रेन” जैसे जल संरक्षण अभियानों को सुशासन तिहार के दौरान व्यापक रूप से प्रचारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और इसके संरक्षण को हम सभी सर्वोच्च प्राथमिकता दें।बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव  मुकेश बंसल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद अब्दुल कैसर हक, संचालक जल जीवन मिशन जितेंद्र शुक्ला सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 18 नए अग्निशमन वाहनों को दिखाई हरी झंडी

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रायपुर ।

प्रदेश की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। संसाधनों के आधुनिकीकरण, अग्निशमन सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत करने और जवानों के प्रशिक्षण व मनोबल को प्राथमिकता देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के माना कैंप स्थित नगर सेना केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सेक्टर-13, नवा रायपुर में नवनिर्मित अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर और माना में नवीन सेनानी कार्यालय का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

आपातकालीन सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ये अत्याधुनिक अग्निशमन वाहन प्रदेश की त्वरित आपातकालीन सेवाओं की क्षमता को नई गति देंगे। उन्होंने इसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकार्पित भवनों के माध्यम से अग्निशमन तंत्र को मजबूती मिलेगी और हमारे जवानों की दक्षता में भी इजाफा होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन नए वाहनों से आगजनी की घटनाओं पर पहले से कहीं अधिक प्रभावी तरीके से और तेज़ी से काबू पाया जा सकेगा, जिससे जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि जीवन की रक्षा सबसे बड़ा कार्य है और इसे पूरी निष्ठा और तत्परता से निभाने वाले अग्निशमन कर्मी हमारे सच्चे नायक हैं, जिनकी सेवाओं को समाज हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखता है।

आपातकालीन सेवा का डेमो और अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी

कार्यक्रम के दौरान राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन राहत दल द्वारा आगजनी की घटना पर आधारित आपातकालीन सेवा का प्रदर्शन (डेमो) भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को गहरी रुचि और गंभीरता से देखा और जवानों की तत्परता व सजगता की भूरी-भूरी प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने अग्निशमन सेवाओं में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें लुकास जैक, ग्लास ब्रेकर, एयर लिफ्टिंग बैग, पेलिकन टावर लाइट, डायमंड टिप, चेन सॉ, फायर जैल ब्लैकेट, फायर सूट और अंडर वॉटर कैमरा जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी दी।

अग्निशमन सेवाओं का निरंतर हो रहा सशक्तिकरण

उप पुलिस महानिरीक्षक अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में अग्निशमन सेवा को नगरीय निकाय से हस्तांतरित किया गया था। वर्तमान में प्रतिवर्ष औसतन 8,000 फायर कॉल प्राप्त होते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल में यह संख्या प्रतिदिन 40 तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि आज जिन 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को शामिल किया गया है, उनके साथ विभाग के पास अब कुल 161 अग्निशमन वाहन उपलब्ध हो गए हैं। रायगढ़, कोरबा, कबीरधाम, दंतेवाड़ा, धमतरी, कोरिया और अंबिकापुर जैसे जिलों को आज ही ये वाहन सौंपे गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एनआरडीए द्वारा नवा रायपुर में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए 5.5 करोड़ रुपये की लागत से फायर स्टेशन सह आवासीय परिसर का निर्माण कराया गया है, जिसका आज लोकार्पण हुआ।

शहीद अग्निशमन कर्मियों को समर्पित अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह

  अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि अग्निशमन सेवाओं में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर कर्मचारियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को शहीद दिवस मनाया जाता है और 14 से 20 अप्रैल तक पूरे देश में अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी इस वर्ष अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।कार्यक्रम में विधायक  मोतीलाल साहू, अपर मुख्य सचिव गृह  मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक   अरुण देव गौतम और मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 18 नए अग्निशमन वाहनों को दिखाई हरी झंडी

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रायपुर।

 प्रदेश की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। संसाधनों के आधुनिकीकरण, अग्निशमन सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत करने और जवानों के प्रशिक्षण व मनोबल को प्राथमिकता देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के माना कैंप स्थित नगर सेना केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सेक्टर-13, नवा रायपुर में नवनिर्मित अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर और माना में नवीन सेनानी कार्यालय का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

आपातकालीन सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये अत्याधुनिक अग्निशमन वाहन प्रदेश की त्वरित आपातकालीन सेवाओं की क्षमता को नई गति देंगे। उन्होंने इसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकार्पित भवनों के माध्यम से अग्निशमन तंत्र को मजबूती मिलेगी और हमारे जवानों की दक्षता में भी इजाफा होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन नए वाहनों से आगजनी की घटनाओं पर पहले से कहीं अधिक प्रभावी तरीके से और तेज़ी से काबू पाया जा सकेगा, जिससे जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि जीवन की रक्षा सबसे बड़ा कार्य है और इसे पूरी निष्ठा और तत्परता से निभाने वाले अग्निशमन कर्मी हमारे सच्चे नायक हैं, जिनकी सेवाओं को समाज हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखता है।

आपातकालीन सेवा का डेमो और अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी
कार्यक्रम के दौरान राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन राहत दल द्वारा आगजनी की घटना पर आधारित आपातकालीन सेवा का प्रदर्शन (डेमो) भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को गहरी रुचि और गंभीरता से देखा और जवानों की तत्परता व सजगता की भूरी-भूरी प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने अग्निशमन सेवाओं में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें लुकास जैक, ग्लास ब्रेकर, एयर लिफ्टिंग बैग, पेलिकन टावर लाइट, डायमंड टिप, चेन सॉ, फायर जैल ब्लैकेट, फायर सूट और अंडर वॉटर कैमरा जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी दी।

अग्निशमन सेवाओं का निरंतर हो रहा सशक्तिकरण
उप पुलिस महानिरीक्षक अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में अग्निशमन सेवा को नगरीय निकाय से हस्तांतरित किया गया था। वर्तमान में प्रतिवर्ष औसतन 8,000 फायर कॉल प्राप्त होते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल में यह संख्या प्रतिदिन 40 तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि जिन 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को शामिल किया गया है, उनके साथ विभाग के पास अब कुल 161 अग्निशमन वाहन उपलब्ध हो गए हैं। रायगढ़, कोरबा, कबीरधाम, दंतेवाड़ा, धमतरी, कोरिया और अंबिकापुर जैसे जिलों को आज ही ये वाहन सौंपे गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एनआरडीए द्वारा नवा रायपुर में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए 5.5 करोड़ रुपये की लागत से फायर स्टेशन सह आवासीय परिसर का निर्माण कराया गया है, जिसका आज लोकार्पण हुआ।

शहीद अग्निशमन कर्मियों को समर्पित अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह
अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि अग्निशमन सेवाओं में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर कर्मचारियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को शहीद दिवस मनाया जाता है और 14 से 20 अप्रैल तक पूरे देश में अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी इस वर्ष अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम और मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुलिस जवानों के साथ सुनी मन की बात

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रायपुर ।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मैस रायपुर में पुलिस जवानों के साथ मन की बात में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का संबोधन सुना। प्रधानमंत्री जी ने मन की बात में बताया कि ओमन में भारतीय मूल के लोग किस तरह अपनी संस्कृति को सहेज कर रखे हैं। स्लोवाकिया में भारतीय उपनिषद का हिंदी में अनुवाद किया गया है। मोदी ने यह भी बताया कि एक पेड़ मां के नाम अभियान का असर विदेशों में भी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से मोदी जी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पेड़ लगाने और गौरैया के संरक्षण का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट के संबंध में भी प्रधानमंत्री जी ने लोगों को जागरूक किया।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मन की बात के माध्यम से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी हर माह देशवासियों से रूबरू होते हैं और नई-नई जानकारियां साझा करते हैं। नवाचारों के बारे में भी बात करते हैं जिनका फायदा देश को होता है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशव्यापी धान खरीदी महापर्व का किया शुभारंभ

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रायपुर ।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ राज्य में समर्थन मूल्य पर किसानों से प्रदेशव्यापी धान खरीदी महापर्व का शुभारंभ बालोद जिले के भांठागांव (बी) धान खरीदी केन्द्र से किया। इसी के साथ आज 14 नवम्बर राज्य में किसानों से धान खरीदी की शुरूआत हो गई है, जो 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने भांठागांव (बी) उपार्जन केन्द्र पहुंचने के बाद इलेक्ट्रॉनिक तौल एवं अन्य यंत्रों का पूजन और वहां उपस्थित किसानों को माला पहना कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने किसान भाईयों को धान खरीदी महापर्व के शुभारंभ की बधाई और शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ग्राम भांठागांव के किसान भागबली ने कुल 148 क्विंटल और   हरिराम ने 65 क्विंटल 20 किलो धान की बिक्री की। मुख्यमंत्री के समक्ष अपने धान की बिक्री का अवसर प्राप्त होने से किसान भागबली और हरिराम बहुत ही खुश नजर आ रहे थे। उक्त उपार्जन केन्द्र में 14 नवम्बर को धान खरीदी हेतु कुल 06 किसानों का टोकन काटा गया है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम मोहंदीपाट में 30 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित जिला सेवा सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा मर्यादित दुर्ग के नवीन शाखा भवन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री  साय ने इससे पूर्व छत्तीसगढ़ महतारी के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम स्थल में मुख्यमंत्री  साय ने शहीद बिरसा मुंडा एवं गहिरा गुरु के तैल चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 31 जनवरी 2025 तक होगी। किसानों को उनके द्वारा बेचे गए धान के एवज में राज्य शासन द्वारा 72 घंटे भीतर उनके बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। राज्य में धान खरीदी के लिए 2,739 स्थापित किए गए हैं। इस साल धान बेचने के लिए 27,01,109 पंजीकृत किसानों द्वारा बोये गए धान का कुल रकबा 34,51,729 हेक्टेयर है। पंजीकृत किसानों में 1,35,891 नये किसान हैं।कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग, विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष   सोनादेवी देशलहरा, पूर्व विधायक  बीरेंद्र साहू एवं राजेंद्र राय, कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष हरबंश मिरी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  पवन साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष   देवलाल ठाकुर, कंवर समाज के जिला अध्यक्ष केश कुमार ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियो एवं विभिन्न समाज के पदाधिकारी, किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल : समिति प्रबंधकों और कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त

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रायपुर ।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल पर प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के प्रबंधकों और कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई। मुख्यमंत्री  साय की पहल पर समिति कर्मचारियों की 6 वर्षों से लंबित वेतन वृद्धि की मांग को पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा 24 घंटे के भीतर पूर्ण करते हुए समिति कर्मचारियों के वेतन और भत्ते में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गयी। इसके साथ ही अन्य 2 मांगों के संबंध में शासन स्तर पर अंतर्विभागीय समिति का गठन कर उचित कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री  साय के पहल पर वर्ष 2018 के बाद पहली बार सहकारी समितियों के लगभग 13 हजार कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कर्मचारियों की मांगों पर स्वयं संज्ञान लेकर इनके निराकरण के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये थे, इस संबंध में मुख्यमंत्री  साय के समक्ष 10 नवम्बर को विभागीय अधिकारियों के साथ सहकारी समितियों के कर्मचारियों की मांगों को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की मांगों के शीघ्र निराकरण के संबंध में निर्देश दिये।

समिति के कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि
मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन में आयुक्त सहकारिता विभाग द्वारा सहकारी समिति कर्मचारी सेवा नियम में संशोधन किये जाने के आदेश 11 नवम्बर 2024 को जारी कर दिये गए। इसमें समिति के कर्मचारियों के वेतन एवं भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि स्वीकृत कर दी गई है, जिसमें सभी कर्मचारियों में हर्ष एवं उल्लास व्याप्त है।खाद्य विभाग द्वारा इस आशय का पत्र भी जारी कर दिया गया है कि धान उपार्जन समाप्त होने के एक माह के अंदर धान का उठाव राइस मिलर्स एवं विपणन संघ द्वारा किया जाएगा, यदि इसके पश्चात् भी उपार्जन केन्द्रों में धान शेष रहता है तो खाद्य विभाग द्वारा सहकारी समितियों को धान की सूखत दिये जाने संबंधी प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रेषित किया जाएगा।कर्मचारियों की अन्य मांग के निराकरण के संबंध में खाद्य विभाग, वित्त विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग एवं विपणन संघ को शामिल करते हुए एक अंर्तविभागीय समिति का गठन किया गया है, जो कर्मचारी संघ की मांग पर विचार कर निराकरण हेतु प्रस्ताव शासन को प्रेषित करेगी।मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय द्वारा संवेदनशीलता के साथ सहकारी समितियों के कर्मचारियों की मांगों के निराकरण करने पर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है।

कर्मचारी अपनी-अपनी समितियों में कार्य में वापस लौटे
सभी कर्मचारी अपनी-अपनी समितियों में कार्य में वापस आ गए हैं तथा 14 नवम्बर 2024 से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की समुचित व्यवस्था में लग गए हैं। कर्मचारियों द्वारा यह भी आश्वस्त किया गया है कि किसानों को धान उपार्जन के दौरान किसी प्रकार की कोई कठिनाई नही होगी। धान उपार्जन केन्द्रों में सभी आवश्यक तैयारी 13 नवम्बर 2024 तक पूर्ण कर ली जाएगी।आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं  कुलदीप शर्मा द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ धान उपार्जन सुगमतापूर्वक किये जाने के निर्देश सभी विभागीय कर्मचारियों-अधिकारियों को दिये गये हैं। धान उपार्जन के दौरान उपार्जन केन्द्रों का सतत् निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिये हैं।छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ द्वारा 4 नवम्बर 2024 से की जा रही  हड़ताल आज समाप्त घोषित कर दी गई है। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष  नरेन्द्र साहू ने समिति कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त घोषित करते हुए कहा है कि समस्त समिति कर्मचारी शासन की समस्त योजनाओं का समिति स्तर से क्रियान्वयन किए जाने हेतु प्रतिबद्ध हैं। कर्मचारी महासंघ द्वारा मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, सहकारिता मंत्री  केदार कश्यप, खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री   श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य विभाग की अपर मुख्य सचिव   ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव   बसव राजू एस., सचिव सहकारिता डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, आयुक्त एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़   कुलदीप शर्मा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक   के.एन काण्डेय सहित अन्य अधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गोवर्धन पूजा के अवसर पर की गौ वंश की पूजा-अर्चना

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रायपुर 02 नवंबर 2024/

 

 

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज गोवर्धन पूजा के अवसर पर अपने निवास की गौशाला में गौवंश की पूजा-अर्चना की और अपने हाथों से खिचड़ी और गुड़ खिलाया। उन्होंने इस मौके पर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं दी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवर्धन पूजा गौवंश के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन दिन है। भगवान श्री कृष्ण और गौ माता से कामना करता हूं कि प्रकृति प्रेम और परोपकार का यह लोक पर्व सभी के लिए सुख समृद्धि व खुशहाली लेकर आए। गौवंश, खेती और जन-जीवन का महत्वपूर्ण आधार हैं। गोवर्धन पूजा गौवंश की पूजा-आराधना के साथ ही गौवंश की सुरक्षा और सेवा का संकल्प लेने का पर्व है।

मुख्यमंत्री की सहजता ने एक बार फिर सबका मन मोहा

गौवंश की पूजा अर्चना के बाद जब प्रसाद वितरण प्रारंभ किया गया तो मुख्यमंत्री श्री साय ने सबसे पहले गौशाला में गौवंश की सेवा करने वाले गौ सेवक श्री भगवानी यादव को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर उन्हें गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री जी की इस सहजता और सरलता ने एक बार फिर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री ने श्री भगवानी द्वारा किए जा रहे गौसेवा के कार्य की मुक्तकंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी लोगों से गौवंश की रक्षा, संवर्धन और संरक्षण के कार्य में भागीदार बनने की अपील की।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की

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रायपुर ।

 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अपने एक दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर राजवाड़ा परिसर स्थित मंदिर में मां दंतेश्वरी  के दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेश वासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री  साय के साथ इस मौके पर बस्तर दशहरा के माटीपुजारी   कमल चंद, वन मंत्री  केदार कश्यप वनमंत्री  केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, विधायक  किरण देव, कोंडागाँव विधायक लता उसेंडी,चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक  चैतराम अटामी,महापौर सफिरा साहू ने भी मां दन्तेश्वरी की पूजा-अर्चना की।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से रातु राम को मिला तत्काल ट्राई सायकल

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रायपुर  ।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर जशपुर जिले के कुनकुरी निवासी रातु राम को तत्काल ट्राई सायकल प्रदान किया गया है। रातु राम पांच साल पहले एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, तब से वे चलने-फिरने में असमर्थ थे। दुर्घटना के बाद से उनकी जिंदगी कठिन हो गई थी और वे अपने रोजमर्रा के कामों को करने में असमर्थ थे। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, बगिया में जाकर मुख्यमंत्री  साय से गुहार लगाई थी।रातु राम ने अपनी समस्या रखते हुए मुख्यमंत्री से मदद की अपील की, जिस पर सीएम कैंप कार्यालय बगिया ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें ट्राई सायकल प्रदान करने के निर्देश दिए। ट्राई सायकल मिलने के बाद रातु राम अब आसानी से अपने दैनिक कार्यों को पूरा कर पा रहे हैं और उनका जीवन फिर से सामान्य हो रहा है। उन्होंने इस मदद के लिए मुख्यमंत्री  साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी सहायता ने उन्हें एक नई उम्मीद दी है। इस पहल से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री जनता की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के प्रति गंभीर हैं। इस घटना से जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का भरोसा और भी मजबूत हुआ है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2024’ का किया शुभारंभ

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रायपुर ।

छत्तीसगढ़ में ‘‘स्वच्छता ही सेवा अभियान (ग्रामीण) 2024’’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने रायपुर के इंडोर स्टेडियम में किया। यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘‘स्वभाव स्वच्छता – संस्कार स्वच्छता’’ विषय पर केंद्रित रहेगा, जिसमें स्वच्छता को समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी मानते हुए इसे उनके स्वभाव और संस्कार का हिस्सा बनाने का प्रयास होगा। शुभारंभ समारोह मे ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वच्छाग्रही समूहों को सुरक्षा किट का वितरण किया गया। स्वच्छता ही सेवा अभियान हेतु राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा – निर्मित पोस्टर का अनावरण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े, लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल और  रूपकुमारी चौधरी, विधायक पुरंदर मिश्रा,  मोती लाल साहू, पद्मश्री अनुज शर्मा, इन्द्रकुमार साहू और गुरू खुशवंत साहेब उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे ‘‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2024’’ का शुभारंभ

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में ‘‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2024’’ का शुभारंभ 17 सितंबर 2024 को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जाएगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्रीगण, विधायकगण, गणमान्य नागरिक, विभिन्न विभागों के सचिव, राज्य एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘‘स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’’ विषय पर केंद्रित रहेगा, जिसमें स्वच्छता को समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी मानते हुए इसे उनके स्वभाव और संस्कार का हिस्सा बनाने का प्रयास होगा। शुभारंभ समारोह मे ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वच्छताग्रही समूहों को सुरक्षा किट का वितरण किया जावेगा। स्वच्छता ही सेवा अभियान हेतु राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा-निर्मित पोस्टर का अनावरण किया जावेगा, इसके साथ ही स्वच्छता की शपथ ली जाएगी।

शुभारंभ समारोह के पश्चात प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता‘ अतंर्गत 3 मुख्य स्तंभों पर कार्य किया जावेगा। स्वच्छता की भागीदारी के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चत किए जाने का लक्ष्य है। संपूर्ण स्वच्छता-स्वच्छता लक्षित इकाई- (Cleanliness Target Units) के अंतर्गत कचरे एवं गंदे स्थानों को श्रमदान के माध्यम से साफ करते हुए इस प्रकार से रूपांतरित किया जावेगा कि वहां दोबारा गंदगी ना हो। सफाई मित्र सुरक्षा शिविर के अंतर्गत सफाई कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच उनका सम्मान समारोह एवं उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किए जाने के कार्य किए जाने हैं। स्वच्छता ही सेवा अभियान अंतर्गत ‘स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता‘ का यह अभियान 02 अक्टूबर 2024 को महात्मा गांधी की जयंती ‘स्वच्छ भारत दिवस‘ पर पूर्ण होगा।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के नए अध्यक्ष चुने गए

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रायपुर। 

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के नए अध्यक्ष चुने गए हैं। मुख्यमंत्री निवास में आज आयोजित की गई एसोसिएशन की आम सभा की बैठक में सर्व सम्मति से मुख्यमंत्री  साय को अध्यक्ष चुना गया।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आज व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए गौरव की बात है, आप लोगों ने सर्वसम्मति से मुझे छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना। इसके लिए आप सभी का हृदय से आभार। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एसोसिएशन के अनेक आयोजनों में मुझे शामिल होने का मौका मिला। राष्ट्रीय आर्चरी एसोसिएशन के अध्यक्ष  अर्जुन मुंडा जी के साथ भी मुझे आयोजनों में शामिल होने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि आर्चरी एसोसिएशन ने बड़ी कुशलता और परिश्रम से छत्तीसगढ़ के तीरंदाजों की प्रतिभा को तराशा जिससे हमारे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर सहित अनेक प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीते।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मैं स्वयं इस एसोसिएशन जुड़ गया हूं, सभी के सहयोग और मार्गदर्शन में आर्चरी एसोसिएशन के कार्यों को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं जनजातीय बहुल जशपुर क्षेत्र से आता हूं। बचपन में हम लोग भी तीर धनुष लेकर शिकार किया करते थे। आर्चरी हम सभी लोगों का विशेष रूप से जनजातियों का पसंदीदा खेल है। जशपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा निवास करती है। ये लोग बड़े धनुर्धर होते हैं, प्राचीन काल में पहाड़ी कोरवा तीर धनुष से शिकार करते थे। आज भी उनके हर घर में तीन धनुष रहता है  साय ने कहा कि इन लोगों की तीरंदाजी की नैसर्गिक प्रतिभा को तराशने के प्रयास किए जाने चाहिए। अभी प्रदेश में तीरंदाजी की तीन अकादमी हैं। जशपुर जिले में भी आर्चरी अकादमी का विस्तार करेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को तीन करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ी को दो करोड़ रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को एक करोड़ रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। खेलों के विकास के लिए जो भी आवश्यक होगा किया जाएगा। हमारे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भी आर्चरी के क्षेत्र में प्रदेश का नाम रौशन करें।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, छत्तीसगढ़ बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष  विक्रम सिसोदिया सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारी उपाध्यक्ष भारत मटियारा,  रामलखन पैकरा, दीपेश अरोरा सहित अनेक पदाधिकारी, ऑब्जर्वर अकरम खान, सुमंता चंद्र मोहंती, प्रवेश जोशी सदस्य गण, तीरंदाजी में पदक विजेता खिलाड़ी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कंवर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य मुलाकात

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रायपुर ।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के यहां उनके निवास कार्यालय में कंवर समाज के प्रतिनिधि मंडल ने छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज के अध्यक्ष हरवंश सिँह मिरी के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री साय को युवा कंवर समाज द्वारा आयोजित होने वाले करमा महोत्सव के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधि मंडल को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर कंवर समाज के महासचिव  नकुल चंद्रवंशी,  टूकेश कंवर भी उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के साथ उत्तर बस्तर कांकेर जिले के चारामा विकासखंड के जेपरा सहित विभिन्न गांवों में विकास कार्यों से संबंधित विषयों पर विचार विमर्श किया।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ’’एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत किया वृक्षारोपण

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रायपुर।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ’’एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत किया वृक्षारोपणमुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज पुलिस थाना परिसर, पूंजीपथरा में ’’एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया। मुख्यमंत्री  साय ने माँ के सम्मान में लगाया पीपल का पौधा रोपा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण को संरक्षित करने का संदेश दिया। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृत्व का सम्मान करना है।

पूंजीपथरा थाना परिसर में मातृ छाया उपवन वृक्षारोपण कार्यक्रम में कृषि एवं प्रभारी मंत्री  रामविचार नेताम ने पीपल, वित्त मंत्री  ओ पी चौधरी ने पीपल, राज्यसभा सांसद  देवेंद्र प्रताप सिंह ने चंदन, सांसद  राधे श्याम राठिया ने चंदन का पौधा लगाया। मुख्य वन संरक्षक  प्रभात मिश्रा, संभाग आयुक्त बिलासपुर  महादेव कावरे, आईजी  संजीव शुक्ला, कलेक्टर  कार्तिकेया गोयल, पुलिस अधीक्षक  दिव्यांग पटेल एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियो, स्कूली बच्चों ने मातृ छाया उपवन हेतु 800 से अधिक पौधे रोपे। ’’एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत प्रदेशभर में वृक्षारोपण किया जा रहा है, जिसमें हर नागरिक को एक पौधा अपनी मां के नाम पर लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कुनकुरी विधानसभा के ग्रामीणों ने की सौजन्य मुलाकात

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रायपुर ।

जशपुर जिले के ग्राम पंचायत तामासिंघा, बंदरचुआं और आश्रित ग्रामों के पंचों तथा ग्रामीणों के वार्षिक भ्रमण में अब एक नई जगह जुड़ गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह ग्राम बगिया के आसपास के गांवों से वार्षिक भ्रमण पर राजधानी रायपुर पहुंचे ग्रामीणों ने गांव लौटने से पूर्व यात्रा के अंतिम पड़ाव में मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से अपनी यात्रा के बारे में रोचक बातें साझा की। मुख्यमंत्री ने सभी का हालचाल जाना और बारिश, खेती-किसानी सहित गांव से जुड़ी ढेर सारी बातें की। इस मौके पर ग्राम तामासिंघा के सरपंच  संकेत साय पैंकरा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री साय सभी से बड़ी आत्मीयता से मिले। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस साल अच्छी बारिश हुई है और पैदावार भी अच्छी होगी।  साय ने कहा कि कुनकुरी और आसपास के क्षेत्रों में पानी की समस्या रहती है, इसके लिए सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं पर काम हो रहा है। आने वाले समय में सिंचाई के साथ अन्य समस्याएं भी दूर हो जाएगी।मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को सामुदायिक भवन के स्वीकृति की जानकारी दी और बच्चों के खेलकूद के लिए जरूरी अधोसंरचना उपलब्ध कराने की बात कही।

ग्रामीणों ने भी मुख्यमंत्री के सामने आत्मीयता से अपनी बातें रखी। यात्रा के बारे में बताया, गांव के बारे में जानकारी दी और कुछ समस्याएं भी रखीं। ग्रामीण अपनी बात उनसे ऐसे साझा कर रहे थे, मानों गांव के अपने किसी साथी को बता रहे हों। ग्रामीणों ने बताया कि  साय शुरू से ही ऐसे है, वें कहीं भी रहें उनका अपने क्षेत्र और क्षेत्रवासियों से हमेशा ऐसा ही लगाव रहा है। सांसद रहते हुए भी क्षेत्र के विकास के लिए जुटे रहे और उनका यह स्वभाव आज भी नहीं बदला है। हमने उनका संघर्ष देखा है और आज जब वो प्रदेश के मुखिया है, यह बात हमें गौरव से भर देती है।गौरतलब है कि तामासिंघा और आसपास के ग्राम पंचायत के सभी पंच अपने परिजनों के साथ प्रतिवर्ष प्रदेश के विभिन्न इलाकों के भ्रमण पर निकलते है। इसी कड़ी में  पंचों के प्रतिनिधिमंडल ने अपने परिजनों के साथ इस वर्ष मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़, राजधानी रायपुर के मंत्रालय, शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम, जंगल सफारी, राम मंदिर और पुरखौती मुक्तांगन का भ्रमण किया।इस मौके पर   सायनंदन राम,   सुचिता लकड़ा, सचिव श्री अनुराग तिवारी,  लिवावती बाई सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप आमजनों की समस्याओं का प्राथमिकता के साथ किया जा रहा समाधान

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रायपुर ।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप सुशासन का एक बेहतर मॉडल पेश करते हुए आमजनों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण किया जा रहा है। लोगों की मूल प्राथमिकताओं में से एक बिजली की व्यवस्था शहरी इलाकों के साथ ही ग्रामीण अंचलों में निर्बाध रूप से संचालित हो इसके लिए विद्युत  विभाग दिन हो या रात प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के नारायणपुर डिस्ट्रीब्यूशन केन्द्र के अंतर्गत ग्राम कुहापानी एवं चराईमारा में ट्रासंफार्मर खराब होने की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, बगिया में आवेदन किया। कैंप कार्यालय के निर्देश पर विद्युत विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हए आज कुहापानी का ट्रासंफार्मर बदल दिया गया है।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चराईमारा का ट्रासंफार्मर कल बदल दिया जाएगा। इसी तरह से तहसील फरसाबहार के अंतर्गत ग्राम पंचायत पगुराबहार (सरईटोली) के निवासियों ने ट्रांसफार्मर के खराब होने एवं बिजली का तार पोल से गिर जाने से विद्युत सप्लाई में अवरोध की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन किया। कैंप कार्यालय के निर्देश पर विद्युत विभाग द्वारा इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आज वहां पर 25 केव्ही का ट्रांसफार्मर और केबल लगा दिया गया है। ग्रामीणों ने विद्युत व्यवस्था की त्वरित बहाली पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री  साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है की विद्युत विभाग द्वारा जशपुर जिले में 16 से 22 अगस्त तक लगभग 20 स्थलों में ट्रांसफॉर्मर, केबल और ग्रिप चेंज का कार्य किया गया। इनमें मनोरा विकासखण्ड के अंधल, पटिया, अधरझर, धौनापाठ और कुनकुरी तथा जशपुर विकासखण्ड के कोमड़ो, कदमकछार, झोलंगा, हरीजनपारा, कुहापानी, बघला, खुटीटोली, घारेन, दुलदुला अम्बाटोली, बेहराखार, पगुरा, चराईमरा और ढोढ़ीबहार शामिल हैं।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजनांदगांव में तिरंगा रैली में हुए शामिल

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रायपुर। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजनांदगांव के नया बस स्टैण्ड में आयोजित तिरंगा रैली में शामिल हुए। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर तिरंगा रैली को रवाना किया।गौरतलब है कि आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत 09 से 15 अगस्त तक स्वतंत्रता सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसमें ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत सभी भारतीय नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज अपने घर पर फहराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्वतंत्रता सप्ताह के दौरान राज्य से लेकर जिला स्तर पर तिरंगा यात्राएं, तिरंगा रैलियां, तिरंगा दौड़ और मैराथन जैसे अनेक देश-भक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज राजनांदगांव में तिरंगा रैली का आयोजन किया गया।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद  संतोष पाण्डेय और विधायक गुरू खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि, जिला सतनामी सेवा समिति राजनांदगांव के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से पुनः 2 लोगों को मिली अनुकंपा नियुक्ति

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रायपुर ।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव के सुशासन में त्वरित एवं संवेदनशील पहल से  गरियाबंद जिले के 2 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति मिली है। जिला प्रशासन बबली विश्वकर्मा एवं   भामिनी दीवान को अनुकंपा नियुक्ति सौंपकर निष्ठा एवं लगन से शासकीय सेवा करने की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। पति के निधन पश्चात परिवार के भरण पोषण के लिए चिंतित दोनों महिलाओं की समस्या दूर हो गई है। शासन के सहयोग से मिले अनुकंपा नियुक्ति के फलस्वरूप अब उनके बच्चों की पढ़ाई लिखाई एवं देखरेख की भी चिंता दूर हो गई है। दोनों को भृत्य पद पर नियुक्ति दी गई है।  बबली को शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल परसदाकला एवं  भामिनी को शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल छुरा में पोस्टिंग दी गई है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के द्वारा अनुकंपा नियुक्ति मिलने से आज दोनों महिलाओं के परिजनों ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति अपना आभार जताया। अनुकंपा नियुक्ति मिलने के बाद उन्होंने कहा कि राज्य शासन की नीति के तहत त्वरित पहल से नौकरी मिल गई है। जिससे आर्थिक समस्याओं को दूर करने एवं परिवार के पालन पोषण में सहायक होगी।

    शासन के प्रावधानों के तहत गरियाबंद जिले के कलेक्टर  दीपक अग्रवाल ने अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को तेजी से निराकृत करने के निर्देश दिये हैं। इसी के तहत अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। आज अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाली फिंगेश्वर निवासी बबली विश्वकर्मा ने बताया कि उनके पति शिक्षक के रूप में सेवारत थे। उनके निधन के बाद परिवार चलाना मुश्किल हो गया था। बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता रहती थी। उन्होंने बताया कि अनुकंपा नियुक्ति मिलने से परिवार के पालन पोषण एवं देखरेख में सहायता मिलेगी, साथ ही भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। इसी प्रकार छुरा विकासखंड के ग्राम अकलवारा की रहने वाली  भामिनी दीवान के पति भी शिक्षा विभाग में पदस्थ थे। उनके निधन के पश्चात उन्हें भृत्य के रूप में नियुक्ति मिली है। उन्होंने बताया कि पति के जाने के बाद भविष्य चिंतित था। शासन की पहल से अनुकंपा नियुक्ति मिलने से परिवार के खुशहाली में मदद होगी।

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