ग्राम तरकोरी से विशुद्धानंद (पप्पू त्रिपाठी)ने भरा नामांकन, ग्राम विकाश का लिया संकल्प
दुर्ग –धमधा –दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक का ग्राम तरकोरी जो अंतिम गांव होने के कारण मूल भूत आवश्यकताओं से आज भी कोषों दूर है। जहां पानी, सड़क, स्वास्थ से जुड़ी समस्याओ के लिए ग्रामीण संघर्ष रत है।

पानी है मुख्य समस्या –ग्राम के पिछड़े होने की वजह यह पानी विहीन ड्राई क्षेत्र है। जिसके कारण पीने के पानी के साथ सिंचाई की समस्या से कृषि विहीन है। , और गांव को पानी पहुंच के लिए, पांडे तालाब से नहर द्वारा जो सुविधा दी गई थी उसे बंद कर दिया गया है, वहीं बड़े फॉर्मर द्वारा नहर को पाट दिया गया है। जिसे सुचारू करने की मांग ग्रामीणों द्वारा निरंतर की जाती रही पर, किसी सरकार ने न प्रशासन ने ध्यान दिया। जो आज गांव के पिछड़े होने का मुख्य कारण है। वही शिक्षा, स्वास्थ, सड़क जैसी मूल भूत आवश्यकताओं से वंचित है गांव।
पुर्व सरपंच होने का मिलेगा लाभ, ग्रामीणों में उत्साह
विशुद्धानंद त्रिपाठी पुर्व में भी सरपंच पद पर रहे हैं। और इनके कार्यकाल में ग्राम को विकास से जोड़ने का काफी सराहनीय कार्य किया गया, जिसने नहर का निर्माण, नल जल योजना से पानी की सुविधा पुलिया के साथ सर्वांगीण विकास के लिए किया गया कार्य ग्रामीण जनों की स्मृति में है, जिसके कारण उत्साह के साथ समर्थन मिला, वहीं विशुद्धानंद ने ग्राम में चिकित्सा, हायर सेकेंडरी तक स्कूल, के साथ सड़क के साथ सबसे पहले पानी के लिए ग्राम को उपलब्ध कराने को प्राथमिकता के साथ प्रयास और हल करने की बात कही। और ग्राम को पर्यावरण विकास के लिए प्रेरित करने के साथ विकसित करने की बात कही।
