मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों का दो दिवसीय चिंतन शिविर 2.0 आईआईएम रायपुर में प्रारंभ हो गया है। छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर (आईआईएम) के सहयोग से दो दिवसीय चिंतन शिविर 2.0 का आयोजन किया गया है।
कार्यक्रम के शुभारंभ के पश्चात आज ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व और दूरदर्शी शासन’, संस्कृति, सुशासन और राष्ट्र निर्माण तथा सक्षमता से सततता तक: विकास के लिए सार्वजनिक वित्त पर पुनर्विचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय शिविर के दौरान भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, प्रो. हिमांशु राय (डायरेक्टर आईआईएम इंदौर), डॉ. रविंद्र ढोलकिया (आईआईएम अहमदाबाद), संजीव सान्याल (प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद सदस्य), पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक उदय माहुरकर, ग्लोबल डिजिटल स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र प्रताप गुप्ता जैसे ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ विभिन्न सत्र को संबोधित करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से छत्तीसगढ़ के 26 सौ से अधिक बीएड अर्हताधारी बर्खास्त सहायक शिक्षकों के जीवन में खुशियां लौट आई है। प्रदेश सरकार ने बर्खास्त शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के 2600 से अधिक युवाओं का भविष्य एक बार फिर संवर गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ग़जमाला पहनाकर उनके प्रति कृतज्ञता जताई।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और उनसे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों का और देश का भविष्य गढ़ना शिक्षकों का सबसे बड़ा कर्तव्य है। आप सभी अपने दायित्व के प्रति सचेत हों और इस भूमिका में सर्वोच्च योगदान दें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की चिंता पहले दिन से की थी। आप हमारे प्रदेश के बच्चें है और आपके भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प हमने पहले से ले लिया था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कदम छत्तीसगढ़ के भविष्य निर्माताओं को नया संबल देगा और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा शिक्षक आने वाले वर्षों में प्रदेश की नई पीढ़ी को दिशा देंगे और छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह निर्णय शिक्षकों के उज्जवल, सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की एक नई शुरुआत है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के साथ आपके नौकरी के संबंध में लगातार चर्चा होती थी। हमारे मुखिया इतने संवेदनशील है कि उन्होंने पहले ही दिन कहा था कि जितना भी आर्थिक बोझ पड़े राज्य सरकार अपने युवाओं के भविष्य को खतरे में नहीं डालेगी। उन्होंने कहा कि आपके परिजन भी लगातार हमसे संपर्क कर अपनी चिंता व्यक्त करते थे और आज मुख्यमंत्री ने उन सभी की चिंता को दूर करते हुए अपना वादा निभाया। मुख्यमंत्री जी ने न केवल अपना वादा निभाया है बल्कि अपनी इच्छा शक्ति से सुशासन को स्थापित करने का कार्य किया है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के इस ऐतिहासिक निर्णय ने पूरे देश में मिसाल कायम की है।
इस अवसर पर युवाओं ने कहा कि नौकरी जाने के बाद वे अपने भविष्य को लेकर गहरी आशंका में थे और लगातार मानसिक पीड़ा झेल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता ने उन्हें संबल दिया। शिक्षकों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हर बार उनकी बात सुनी और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हमसे वादा किया था कि हमारे बेटे-बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जाएगा और आज उन्होंने अपना वादा निभाकर एक अभिभावक की जिम्मेदारी पूरी की है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल युवा शिक्षकों ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सरकार ने वास्तव में सुशासन और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। हमें गर्व है कि आज हमारे प्रदेश में ऐसी सरकार है जो हमारी पीड़ा को समझती है और संवेदनशीलता के साथ हमारी समस्याओं का समाधान करती है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कांकेर के ग्राम भिरावाही में गोंडवाना समाज द्वारा आयोजित मरका पंडुम (चैतरई महापर्व) के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने गोंडवाना समाज के आराध्य बूढ़ादेव और आंगा देव की पूजा-अर्चना कर तेंदू, चार, चिरौंजी, महुआ और आम फल अर्पित किया और प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए कामना की।मुख्यमंत्री साय ने भिरावाही के गोंडवाना भवन परिसर में आयोजित मरका पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि गोंडवाना समाज का समृद्धशाली इतिहास रहा है। मरका पण्डुम पर्व में नए फलों, फसलों का अर्पण अराध्य देवी-देवताओं को किए जाने की परंपरा है। उन्होंने आगे कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपरा आगे बढ़ाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री साय ने समाज को शिक्षित होने पर जोर देते हुए बच्चों को पढ़ाने के लिए सबको आगे आने तथा जागरूक होने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हुआ है। पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति का तेजी से विकास हुआ है, वहीं प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। छत्तीसगढ़ में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी जैसी उच्च संस्थाएं स्थापित हुई हैं।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार द्वारा बस्तर से नक्सलवाद जड़ से खत्म करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक साल में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प अवश्य पूर्ण होगा। उन्होंने बताया कि अब नियद नेल्लानार योजना के दायरे को विस्तारित किया जा रहा है, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अधिक से अधिक ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गोंडवाना समाज के प्रतिनिधियों की मांग पर 80 लाख 48 हजार रूपए के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की घोषणा की, जिसमें गोंडवाना समाज के भवन के जीर्णाेद्धार हेतु 45 लाख रुपए, बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए 23 लाख 47 हजार रूपए और देवगुड़ी के सांदर्यीकरण एवं विभिन्न कार्यों के लिए 12 लाख 01 हजार रूपए की स्वीकृति शामिल है।समापन समारोह को कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम ने संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज के हितचिंतक मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का नेतृत्व कर रहे, यह गर्व की बात है। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासियों को अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत को विस्मृत नहीं करना चाहिए, क्योंकि यही हमारी जड़ और वास्तविक पहचान है।
इस दौरान बस्तर गोंडवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग ने सामाजिक गतिविधियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी, नगर पालिका कांकेर के अध्यक्ष अरूण कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, पूर्व सांसद मोहन मंडावी, पूर्व विधायक शिशुपाल सोरी, सुमित्रा मारकोले, कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, एसएसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर में प्रसिद्ध अघोर संत भगवान अवधूत राम के सोगड़ा आश्रम में मां काली की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा कर प्रदेश के उज्जवल भविष्य और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धर्म और आस्था समाज को एकजुट करने की शक्ति देते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से सामाजिक समरसता और विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित में निरंतर कार्य कर रही है और जनता के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ समृद्धि और विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।इस अवसर पर जशपुर विधायक रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक गोमती साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत यश प्रताप सिंह जूदेव, शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, शांति भगत, कृष्ण राय सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर में काशी स्पाइन हॉस्पिटल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोती लाल साहू और पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, अस्पताल परिवार के संतोष अग्रवाल, लीलाधर सुल्तानिया, डॉ. विमल अग्रवाल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अस्पताल के संचालकों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 14 नवंबर को बालोद जिले के नवीन धान उपार्जन केन्द्र भाठागांव बी से राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी महापर्व का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री साय भाठागांव बी में ही जनजातीय गौरव दिवस एवं कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। उन्होंने कहा है कि दीपावली के दिन भगवान राम लंका पर विजय प्राप्त करके वापस अयोध्या आए थे। उनके आने की खुशी और स्वागत में दीप जलाए जाते हैं। इस साल की दीवाली बहुत खास है, क्योंकि लगभग 500 साल बाद भगवान श्रीराम अयोध्या में अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं ।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दीपावली पर्व सबके लिए मंगलमय हो। विकास की रोशनी गांव गांव तक पहुंचे, लोगों में परस्पर स्नेह की जड़ें और गहरी तथा मजबूत हों तथा मां लक्ष्मी की कृपा से छत्तीसगढ़ प्रदेश धनधान्य और सुखसम्पदा से परिपूर्ण रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज हेलीकॉप्टर से बिलासपुर पहुंचे। पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय हेलीपैड कोनी में उनका आत्मीय स्वागत किया गया। उप मुख्यमंत्री अरूण साव भी उनके साथ बिलासपुर पहुंचे। विधायक धरमलाल कौशिक,विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक बिलासपुर अमर अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण चौहान,आईजी संजीव शुक्ला,कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह सहित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने गुलदस्ता भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय कोनी में सिम्स के 200 बिस्तर क्षमता के मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लोकार्पण समारोह में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली इसका लोकार्पण करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से जशपुर जिले में लगातार आवागमन की सुगमता के लिए सड़क निर्माण के लिए पहल की जा रही है।सीएम साय की पहल पर जिले के तीन प्रमुख सड़कों के विकास के लिए 194.84 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है, यह कदम जिले में आवागमन की सुगमता को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।गौरतलब है की केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में आठ सड़कों के विकास के लिए 892 करोड़ 36 लाख रुपए की मंजूरी दी है।इस राशि से राज्य के छह जिलों में करीब 324 किलोमीटर सड़कों के विकास और उन्नयन के कार्य किए जायेंगे। जिसमें जशपुर जिले के बागबहार दृकोतबा सड़क खंड में 13.50 किलोमीटर के लिए 40.02 करोड़ एवं लुडेग दृतपकरा दृलवाकेरा सड़क खंड में 41 किलोमीटर के लिए 118.95 करोड़ और जशपुर आस्ता दृकुसमी सड़क खंड में 28 किलोमीटर लंबाई के लिए 35.87 करोड़ रुपए से मजबूतीकरण का कार्य शामिल हैं।इन सड़कों के निर्माण और मजबूतीकरण से न केवल आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि यह क्षेत्र के विकास को भी गति प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जिले के विकास में आई तेजी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल से जिले के विकास में तेजी आई है। बेहतर सड़कों से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा, और स्थानीय निवासियों को भी लाभ होगा। सड़क निर्माण से न केवल यातायात में सुधार होगा, बल्कि यह पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा देगा।इस परियोजना का कार्यान्वयन जल्द ही शुरू होगा, जिससे क्षेत्रवासियों को सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा और विकास की नई राहें खुलेंगी।जशपुर जिले में सड़क विकास का यह कदम मुख्यमंत्री साय के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो स्थानीय लोगों के जीवन को सरल और सुलभ बनाने में सहायक साबित होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों विशेष रूप से किसान भाईयों को पोला तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की है। पोला तिहार की पूर्व संध्या पर जारी अपने शुभकामना संदेश में साय ने कहा है कि पोला तिहार किसानों का खेती किसानी से जुड़ा सबसे बड़ा त्योहार है। यह हमारे जीवन में खेती-किसानी और पशुधन का महत्व बताता है। इस दिन घरों में उत्साह से बैल और जाता-पोरा की पूजा कर अच्छी फसल और घर को धन-धान्य से परिपूर्ण होनेे के लिए प्रार्थना की जाती है। यह छत्तीसगढ़ की परम्परा, संस्कृति और लोक जीवन की गहराइयों से जुड़ा पर्व है।
सीएम साय ने कहा कि पोला का त्यौहार हमारी संस्कृति और परम्पराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाता हैं। पोला के दिन मिट्टी के बर्तन और बैलों से खेलकर बच्चे अनजाने ही अपनी मिट्टी और उसके संस्कारों से जुड़ जाते हैं। साय ने कहा कि अगली पीढ़ियों तक अपनी समृद्ध संस्कृति को पहुंचाने और उन्हें जमीन से जोड़े रखने के लिए पारंपरिक त्योहारों का संरक्षण और संवर्धन अवश्यक है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज गुढियारी स्थित मारुती मंगलम भवन में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उनके साथ छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष रमन सिंह एवं विधायक राजेश मूणत भी साथ में उपस्थित थे।मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से कहा कि सावन मास में ही मुझे बाबा भोरमदेव के दर्शन करने का अवसर मिला। यह मंत्र मुग्ध कर देने वाला अवसर था। हमने कांवड़ियों पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की। पूरे यात्रा मार्ग में कांवड़ियों का उत्साह छलक रहा था। मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर प्रदेश वासियों की मनोकामना पूरी होने और सुख समृद्धि की कामना करते हुए सभी को कांवड़ यात्रा की शुभकामनाएं दीं।